डीएम ने पेच कसे: संभावित बाढ़ से निपटने के लिए

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 7 जून। संभावित बाढ़ से निपटने के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के पेच कसे हैं।
जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आज जनपद में संभावित बाढ़ की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने हेतु की गई तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, विद्युत, पंचायती राज, आपदा प्रबंधन सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सहभागिता करते हुए विभागवार तैयारियों की जानकारी दी। डीएम ने कहा कि मानसून एवं संभावित बाढ़ को दृष्टिगत रखते हुए सभी विभाग पूर्व तैयारियां पूर्ण कर लें तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए समन्वित कार्ययोजना के साथ कार्य करें।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ से संबंधित सभी आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा उनके संचालन एवं उपयोग की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि राहत सामग्री, खाद्य पैकेट, लाइफ जैकेट, नाव, तटबंध सुरक्षा सामग्री तथा अन्य आवश्यक उपकरणों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही इन संसाधनों का नियमित सत्यापन एवं रखरखाव भी किया जाए ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनका तत्काल उपयोग किया जा सके। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रात्रिकालीन राहत एवं बचाव कार्यों की विशेष आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में सर्च लाइट, नाव एवं अन्य तकनीकी उपकरणों को तैयार रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में समय पर कार्रवाई ही जनहानि एवं संपत्ति के नुकसान को कम कर सकती है, इसलिए सभी संसाधन पूर्णतः क्रियाशील अवस्था में उपलब्ध रहें।

बैठक में जनपद स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नियंत्रण कक्ष को 24×7 सक्रिय रखा जाए तथा प्राप्त होने वाली प्रत्येक सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नियंत्रण कक्ष एवं क्षेत्रीय स्तर पर तैनात कर्मियों के मध्य सतत संपर्क एवं समन्वय बना रहना चाहिए। संवेदनशील एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों की स्थापना एवं उनके प्रभावी संचालन के निर्देश दिए। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी बाढ़ शरणालयों को तत्काल सक्रिय करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि शरणालयों में भोजन, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था पूर्व से सुनिश्चित की जाए ताकि प्रभावित नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से बाढ़ राहत चौपालों का आयोजन किया जाए, जिससे स्थानीय नागरिकों को बाढ़ के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी समय रहते उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि चौपालों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुझावों को भी प्राप्त किया जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में जन-जागरूकता गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ राहत चौपालों में विभिन्न विभागों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए आमजन को आपदा प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की जाए।

स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि प्राथमिक उपचार सामग्री, आवश्यक दवाइयों, एम्बुलेंस सेवाओं एवं चिकित्सकीय टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जलजनित एवं संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने तथा प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य शिविर एवं निगरानी व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। लोक निर्माण एवं संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए डीएम ने कहा कि संभावित रूप से प्रभावित मार्गों की पहचान कर वैकल्पिक यातायात व्यवस्था एवं रूट डायवर्जन की पूर्व तैयारी सुनिश्चित की जाए, जिससे आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। बैठक में पेयजल, विद्युत आपूर्ति, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि बाढ़ की स्थिति में भी जनसामान्य को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूर्व से तैयार रखी जाएं।

उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने नियमित मॉक ड्रिल आयोजित करने, विभागीय समन्वय बैठकों को निरंतर संचालित रखने तथा जन-जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन को बाढ़ सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन संबंधी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व तैयारी एवं प्रभावी समन्वय के माध्यम से संभावित आपदा के प्रभाव को न्यूनतम किया जा सकता है तथा जनपद में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। बैठक में अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारीगण, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।

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