फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 9 जुलाई। जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार ने चोरी आरोपी सिमरन वर्मा की अर्जी पर सुनवाई कर जमानत मंजूर कर दी। सिमरन वर्मा आज जेल से रहा हो गई, अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह एडवोकेट ने आरोपी की अदालत में पैरवी की है। न्यायालय के आदेश के मुताबिक 07.07.2026 प्रस्तुत प्रथम जमानत प्रार्थनापत्र आवेदक / अभियुक्त सिमरन वर्मा की ओर से उपरोक्त मामले में जमानत के लिए प्रस्तुत किया गया है। 2. जमानत प्रार्थनापत्र के साथ पैरोकार मधु वर्मा पत्नी स्व०प्रदीप वर्मा का शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है जिसके अनुसार आवेदक / अभियुक्त का उक्त अपराध में यह प्रथम जमानत प्रार्थना पत्र है, इससे पूर्व उक्त अपराध में अन्य कोई जमानत प्रार्थनापत्र इस न्यायालय अथवा माननीय उच्च न्यायालय अथवा माननीय सर्वोच्च न्यायालय में न तो प्रस्तुत किया गया है, न लंबित है और न ही निरस्त हुआ है। विद्वान जिला शासकीय अधिवक्ता दाण्डिक द्वारा इस तथ्य का विरोध नहीं किया गया।
3. अभियोजन का केस है कि वादी प्रशान्त वर्मा पुत्र स्व०रामशंकर वर्मा द्वारा थाना कोतवाली फर्रुखाबाद पर दिनांक 22.06.2026 को लिखित सूचना दी गयी कि वादी के मो०नि० सिमरन वर्मा का उसके घर आना जाना है। दिनांक 21.06.2026 को वादी अपनी दुकान पर गया हुआ था तथा उसकी पत्नी घर पर अकेली थी तब सिमरन वर्मा वादी के घर पर आई और बोली भाभी आज बहुत गर्मी है मैं कोल्डड्रिंक लेकर आई हूं, कोल्ड ड्रिंक पीते ही वादी की पत्नी कुछ समय बाद चक्कर खाकर गिर गई उसी का फायदा उठाकर सिमरन ने घर की अलमारी में रखे एक लग हार, चार चूडी, दो कड़ा, तीन अंगूठी व पैण्डिल व टोप्स चुराकर ले गयी। वादी की पत्नी को जब होश आया तो उसने वादी को फोन किया कि सिमरन घर पर आयी थी उसने कोल्डड्रिंक में मिलाकर पिला दिया और घर में रखे सोने के जेवर चुराकर ले गयी।
वादी की तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली फर्रुखाबाद पर दिनांक 22.06.2026 को समय 21.57 बजे मुकदमा अपराध संख्या 128/2026, अंतर्गत धारा 123, 305 बी०एन०एस० में आवेदक / अभियुक्त के विरुद्ध दर्ज हुआ। बरामदगी के आधार पर धारा 317 (2) बी०एन०एस० की बढोत्तरी की गयी। मामले की विवेचना प्रचलित है। 4. उभयपक्ष के विद्वान अधिवक्तागण के तर्कों को सुना गया तथा केस डायरी /पुलिस प्रपत्रों का अवलोकन किया। 5. आवेदक/अभियुक्त के विद्वान अधिवक्ता द्वारा मुख्यतः यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि आवेदक/अभियुक्त को वादी द्वारा आंतरिक मतभेदों के कारण झूठा फसाया गया है।
वादी का यह कथन असत्य है कि उसकी पत्नी घर पर अकेली थी क्योंकि वादी के घर पर अन्य परिवार के सदस्य भाई आदि रहते हैं। दोनों पक्षकार एक ही क्षेत्र और बिरादरी के प्रतिष्ठित सर्राफा व्यवसाई हैं। वादी, आवेदक / अभियुक्त के बढ़ते व्यापार के कारण ईर्ष्या रखता है। पुलिस के पास पीड़िता का कोई भी प्रमाणिक मेडिकल परीक्षण या शरीर में किसी नशीले जहरीले पदार्थ की पुष्टि करने वाली कोई विश्वसनीय चिकित्सीय अथवा वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। वादी द्वारा प्राथमिकी कथित घटना के अगले दिन रात्रि में दर्ज करायी गयी है। वादी द्वारा चोरी हुई वस्तुओं के लगाये गये आरोपों के विपरीत पुलिस ने आवेदक के पास से 8150/-रुपये और दो पीली धातु के कड़े की झूठी बरामदगी दिखायी है।
आवेदक/अभियुक्त दिनांक 23.06.2026 से जिला कारागार में निरुद्ध है, अनुरोध किया कि जमानत पर रिहा किया जाए। 6. अभियोजन की ओर से विद्वान जिला शासकीय अधिवक्ता, फौजदारी द्वारा जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए यह तथ्य रखा गया कि आवेदक / अभियुक्त प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामित है। अभियुक्त द्वारा वादी की पत्नी, जो घर पर अकेली मौजूद थी, को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया गया और वादी के घर से सोने के जेवरात चोरी कर लिये गए। पुलिस द्वारा अभियुक्त के पास से रुपये व दो कंगन सोने के बरामद किए गए हैं तथा अन्य गला हुआ सोना उसके बताए अनुसार बरामद किया गया है। अभियुक्त द्वारा कारित कृत्य गंभीर प्रकृति का है, अनुरोध किया कि जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त किया जाए।
7. प्रथम सूचना रिपोर्ट से विदित है घटना दिनांक 21.06.2026 की दर्शायी गयी है जिसकी सूचना थाने पर वादी द्वारा दिनांक 22.06.2026 को समय 21.57 बजे दी गयी है। प्रथम सूचना रिपोर्ट में अभियुक्त/आवेदक द्वारा वादी की पत्नी को कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला देने से वादी की पत्नी का चक्कर खाकर गिर जाना और इसका फायदा उठाकर अभियुक्त/आवेदक द्वारा अलमारी में रखे सोने के तथाकथित आभूषण चोरी कर लेना अंकित किया गया है। केस डायरी पर विवेचक द्वारा पीडिता का रक्त परीक्षण विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।
पुलिस द्वारा अभियुक्त / आवेदक के पास से 8150/-रुपये और दो पीली धातु के कंगन बरामद किया जाना दर्शाया गया है तथा अभियुक्त / आवेदक के बताने के आधार पर पुलिस द्वारा पीली धातु कच्चा सोना की लबिया व रुपये संबंधित से बरामद किया जाना दर्शाया गया है। अभियुक्त/आवेदक महिला है तथा दिनांक 23.06.2026 से जिला कारागार में निरुद्ध होना बतायी गयी है। अभियोजन द्वारा अभियुक्त/आवेदक का अन्य कोई आपराधिक इतिहास प्रस्तुत नहीं किया गया है और न ही इस बावत कोई तथ्य रखा गया। अतः मामले के सम्पूर्ण तथ्य व परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए मामले के गुण दोष पर कोई मत व्यक्त किये बिना; इस स्तर पर आवेदक / अभियुक्त की जमानत हेतु आधार पर्याप्त है, तदनुसार जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार होने योग्य है।
आदेश आवेदक / अभियुक्त सिमरन वर्मा द्वारा प्रस्तुत जमानत प्रार्थनापत्र स्वीकार किया जाता है और आवेदक/अभियुक्त द्वारा मु० 1,00,000/- (एक लाख रुपये) का निजी बंधपत्र व समान धनराशि की दो प्रतिभू संबंधित न्यायालय की संतुष्टि के अनुरूप दाखिल करने पर, जमानत पर रिहा किया जाए।

