फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 30 जुलाई। तहसील सदर के ग्राम पंखियों की मढ़ैया, दिलीप की मढ़ैया, कटरी भीमपुर आदि गांवों को बचाने के लिए सिंचाई विभाग के द्वारा 7 करोड़ से अधिक रुपए से पार्कूपाइन एवं जिओ बैग और स्टड लगाकर गावों को कटान से बचने के लिए कार्य कराया जाना था, ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत के चलते बेहद घटिया कार्य की खानापूर्ति करके रूपों का बंदरवांट किया गया। गांव वासियों के द्वारा कई बार मानक के तहत कार्य करने के लिए कहा गया तो ठेकेदार एवं अधिकारियों ने ग्राम वासियों पर दबाव डाला। कहा गया कि यदि सरकारी काम में बाधा डालोगे तो तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर जेल में डलवा देगे। जिस वजह से ग्रामवासी चुपचाप हो गए और ठेकेदार एवं अधिकारी मनमानी करके सारा पैसा बंदर बांट कर लिया।
गंगा का पानी बढ़ने पर दिखावा के लिए किया गया काम गंगा की बाढ़ में समा गया। लोगों के मकान कटान पर आ गए तब ग्राम वासियों के द्वारा आवाज उठाई, तो ठेकेदार के लोगों ने लोगों को दबाने का प्रयास किया और अपने कामों पर पर्दा डालने के लिए वन विभाग के द्वारा गौशाला की जमीन पर खड़े शीशम के पेड़ों को बिना किसी परमिशन के काट कर बोरियों और स्टट के आगे लगाया गया कि पानी रुक जाए। पर गंगा का कटान नहीं रुका। ग्राम वासियों के द्वारा जानकारी देने पर फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा मौके पर पहुंचे। उन्होंने देखा कि सारे ग्रामवासी भयभीत हैं क्योंकि जो बोरियां लगाई गई थी वह सब गंगा जी में समा गई। ग्राम वासियों के द्वारा जानकारी दी गई कि जिओ बैग की जगह पर सीमेंट की बोरियों में रेत भरकर लगाया गया केवल दिखाने के लिए, जिओ बैग भर के लगाए गए।
सिंचाई विभाग के द्वारा कराए गए कार्य को देखकर भईयन मिश्रा ने कहा कि कार्य बहुत घटिया हुआ है जिसके लिए पूर्ण रूप से ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारी जिम्मेदार हैं। जिन्होंने सारे धन का बंदरबांट कर लिया है इनके विरुद्ध कार्रवाई जरूर होगी, बहुत जल्द इस पर आंदोलन प्रारंभ किया जाएगा। जिला अधिकारी से प्रतिनिधि मंडल मिलेगा और कार्रवाई करने के लिए कहेगा, कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आंदोलन किया जाएगा। किसी भी सूरत में दोषी ठेकेदार और अधिकारियों को छोड़ा नहीं जाएगा। क्योंकि इनके कारण कई गांव पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। अधिकारी मस्त है वहीं ग्रामवासी बहुत भयभीत हैं क्योंकि किसी भी समय गंगा के कटान में उनके घर मकान ढह सकते हैं।
ग्रामीण राजीव वर्मा, रामू राजपूत, राम लखन वर्मा, पंकज राठौर, सत्य नारायण शाक्य आदि ने बताया कि जब भी ठेकेदार से सही से काम करने के लिए कहा गया तो ठेकेदार ने बदतमीजी करते हुए जेल में बंद कर देने की धमकी दी, जिस कारण से हम लोग नहीं बोल पाए। ठेकेदार के लोग हमेशा यह कहते थे कि केवल एक बार पानी आ जाए हमारा काम खत्म भाड़ में जाओ तुम्हें जो करना वह कर लेना हम लोगों का कुछ नहीं होने वाला है। भईयन मिश्रा ने कहा की जानकारी मिली है कि बड़ी संख्या में हरे शीशम पेड़ों को गौशाला से काटा गया है। उनके तनों को कई ट्रैक्टरों से यहां लाकर पर डाला गया है। आखिरकार इसकी परमिशन किसने दी क्योंकि शीशम काटना प्रतिबंधित है इसकी भी जांच होनी चाहिए। वन विभाग अपने स्तर से इन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवाएं।

