फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 4 अगस्त। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर एवं पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री भेंट की। जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने आज सदर तहसील ब्लाक बढ़पुर स्थित बाढ़ प्रभावित ग्राम बिलावलपुर तथा ग्राम धर्मपुर कटरी के मजरा पंखियन नगला का स्थलीय निरीक्षण कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने प्रभावित ग्रामीणों से उनकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की तथा संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित रहे। उन्होंने कहा कि सभी राहत चौकियां एवं शरणालय पूरी तरह सक्रिय रहें। 
किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए नाव, गोताखोर, स्वास्थ्य टीम एवं आवश्यक संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जलभराव की स्थिति, संपर्क मार्गों तथा राहत व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रखी जाए तथा जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा नियमित चिकित्सा शिविर एवं दवा वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने ग्रामीणों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तत्परता के साथ स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है, किसी भी प्रकार की सहायता के लिए प्रशासन हर समय उपलब्ध है। अधिकारियों ने नगर के मोहल्ला सलावत खां स्थित हाजी अख्तर हुसैन रहमानी गर्ल्स इंटर कॉलेज में बनाए गए अस्थायी शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से संभावित रूप से विस्थापित होने वाले लोगों के सुरक्षित ठहराव हेतु की गई व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने शरणालय में पेयजल, विद्युत, शौचालय, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, भोजन, बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं तथा सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं हर समय सुचारु एवं पर्याप्त बनाए रखने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में आवश्यक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं में पात्रता के अनुरूप शिविर आयोजित कर पंजीकरण कराएं, इसके साथ ही बाढ़ शरणार्थियों के बच्चों पास के प्राथमिक विद्यालयों में भेजा जाए। शरणार्थियों को स्थलों में किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तत्काल राहत उपलब्ध कराई जाए।
जिलाधिकारी पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने शरणार्थियों एवं उनके बच्चों को अपने हाथों से खाद्य सामग्री वितरित की। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को शरणालय की नियमित निगरानी करने तथा सभी व्यवस्थाओं को अद्यतन बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग मुरलीधर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी योगेश पाण्डेय सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार आज शाम गंगा का जलस्तर कुछ कम हो गया। आज सुबह 8 बजे गंगा का जल स्तर 137.00 था जबकि शाम 4 बजे की रिपोर्ट 136. 95 है।
बाढ़ से तहसील सदर के 9, तहसील कायमगंज के 12 तथा तहसील अमृतपुर के 12 गांव प्रभावित हैं। इस प्रकार जनपद के कुल 33 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन प्रभावित गांवों में कुल 23,367 की आबादी तथा 4,855 परिवार प्रभावित हैं। प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए जनपद में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए गए हैं। वर्तमान में मंडी समिति रामसवाईद एवं रमानिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में संचालित शरणालयों में अब तक 240 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है तथा उनके भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां भी सक्रिय रूप से संचालित हैं।
राहत एवं बचाव कार्यों के लिए तहसील सदर, कायमगंज एवं अमृतपुर के प्रभावित क्षेत्रों में कुल 50 नावें एवं 5 मोटरबोट तैनात की गई हैं। साथ ही एक टीम एनडीआरएफ तथा एक कंपनी पीएसी फ्लड यूनिट आवश्यक उपकरणों सहित तैनात है। आवश्यकता पड़ने पर 53 स्वयंसेवी गोताखोरों की सेवाएं भी ली जा रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से 35 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें अब तक 536 लोगों का उपचार किया जा चुका है। साथ ही 272 ओआरएस पैकेट एवं 896 क्लोरीन टैबलेट का वितरण किया गया है। जनपद में एंटी स्नेक वेनम एवं अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 पशु चिकित्सा शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में अब तक 79 पशुओं का उपचार तथा 3,804 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। साथ ही पशुओं के लिए चारा एवं भूसे की पर्याप्त व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी किनारे जाने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन अथवा कंट्रोल रूम से संपर्क करें। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी संवेदनशीलता एवं सतर्कता के साथ निरंतर जारी हैं।

