फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 5 जुलाई। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने आज तहसील अमृतपुर के बाढ़ प्रभावित ग्राम तीस राम की मड़ैया का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित प्रत्येक परिवार तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी प्रभावित व्यक्ति को आवश्यक सहायता से वंचित न रखा जाए। जिलाधिकारी ने राहत शिविरों, खाद्यान्न वितरण, पेयजल, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था तथा पशुओं के लिए चारा आदि की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित क्षेत्रों में निरंतर निगरानी बनाए रखते हुए आवश्यकतानुसार राहत सामग्री का वितरण सुनिश्चित किया जाए तथा स्वास्थ्य विभाग की टीमें नियमित रूप से भ्रमण कर आवश्यक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं।
उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी हर संभव सहायता के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी राहत एवं बचाव कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जा रही है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को हिदायत दी कि जलस्तर एवं मौसम की स्थिति पर सतत निगरानी रखी जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण सतर्कता एवं समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने संवेदनशील स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था बनाए रखने तथा राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए, बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान उन्हें कृमिनाशक, एंटीबायोटिक, विटामिन तथा चर्मरोग की दवा अनिवार्य रूप से वितरित की जाए, इसके साथ ही ग्रामवासियों को क्लोरीन, डीहाईड्रेशन, फंगल इन्फेक्शन एवं एंटी वेनम की दवाओं का वितरण किया जाए। उन्होंने बेसिक खण्ड शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित ग्राम में बच्चों के अध्ययन कार्य हेतु शिक्षक की तैनाती की जाए। ग्राम में नियमित रूप से ब्लीचिंग पाऊडर एवं कीट नाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन सदैव उपलब्ध रहें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया।
इसके उपरांत जिलाधिकारी ने तहसील अमृतपुर के विकासखंड राजेपुर स्थित रामनिवास महाविद्यालय के अवध इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी भवन में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए संचालित शरणालय स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शरणालय में रह रहे लोगों को उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शरणालय में भोजन, पेयजल, विद्युत, स्वच्छ शौचालय, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा, दवा उपलब्धता तथा बच्चों एवं महिलाओं के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तार से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालय में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की आवश्यकताओं का संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखा जाए तथा किसी भी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
उन्होंने शरणालय में रह रहे बाढ़ प्रभावित लोगों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली तथा उन्हें आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन उनकी सुरक्षा एवं राहत के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक सभी प्रभावित परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप समुचित राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शरणालय स्थल पर नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए तथा संबंधित शरणालय स्थल उनके पशुओं को भी संरक्षित रखकर पशुओं का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार कराकर उनका टीकाकरण भी कराएं। शरणालय में निवासरत शरणार्थियों के बच्चों के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी शिक्षकों को तैनात करें। उन्होंने राहत कार्यों की सतत निगरानी करते हुए सभी व्यवस्थाएं प्रभावी एवं व्यवस्थित रखने पर विशेष बल दिया।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, नायब तहसीलदार अभिषेक, खंड विकास अधिकारी सुनील जायसवाल, राजस्व, स्वास्थ्य, पुलिस एवं अन्य विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।
उपजिलाधिकारी, कायमगंज द्वारा तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित/बाढ़ संभावित ग्राम झौआ एवं कटरी तौफीक का स्थलीय निरीक्षण कर वहां की स्थिति एवं उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिन ग्रामों एवं स्थानों पर आवश्यकता हो, वहां नाव एवं स्टीमर की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही ग्रामीणों से निरंतर संवाद बनाए रखते हुए उनकी आवश्यकताओं पर सतत दृष्टि रखी जाए।
क्षेत्रीय लेखपालों एवं अन्य संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा निरंतर क्षेत्र का भ्रमण कर स्थिति की निगरानी की जा रही है। आवश्यकतानुसार बाढ़ शरणालय, बाढ़ चौकी तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने हेतु समुचित प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन द्वारा बाढ़ संबंधी परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है तथा आवश्यकतानुसार सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

