फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 9 अगस्त। आर्य समाज कमालगंज एवं स्त्री आर्य समाज कमालगंज के तत्वावधान में वेद प्रचार अभियान के अंतर्गत आयोजित वेद प्रचार महोत्सव का शुभारंभ आज क्षेत्र के ग्राम बलीपुर में हुआ। महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर सामूहिक यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामवासियों ने भाग लेकर जीवन में सुख, समृद्धि एवं शांति की कामना से वैदिक मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां प्रदान की। कार्यक्रम के संयोजक आचार्य संदीप आर्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि श्रावण का महीना वेद ज्ञान को सुनने और सुनाने का महीना है, क्योंकि वेद परमात्मा की वाणी हैं और इनमें समस्त मानव जाति के कल्याण का संदेश निहित है।
उन्होंने कहा कि जहां अनेक मत-मतांतरों की पुस्तकें अपने मत के अनुयायी बनने का निर्देश देती हैं, वहीं वेद का संदेश है— “मनुर्भव” अर्थात मनुष्य बनो। मनुष्य को सबसे पहले सच्चा मनुष्य बनने की आवश्यकता है। आज संसार में जिस तेजी से पापाचार और अनैतिकता बढ़ रही है, उसका प्रमुख कारण यह है कि मानव मनुष्यता के स्तर से नीचे गिरता जा रहा है। अपने स्वार्थ के आगे उसे दूसरे के दुख और पीड़ा दिखाई नहीं देती। समाज में ईश्वर के प्रति भय और नैतिक चेतना कम होती जा रही है, जिसके कारण पाखंड, कुरीतियों और अंधविश्वासों का विस्तार हो रहा है।
आचार्य संदीप आर्य ने कहा कि महर्षि दयानंद सरस्वती ने समाज के इस वैचारिक पतन को पहचाना और मनुष्य मात्र के कल्याण के लिए “वेदों की ओर लौटो” का संदेश दिया। उनके मानवता के कल्याण संबंधी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आर्य समाज द्वारा यह वेद प्रचार अभियान चलाया जा रहा है, ताकि विशेष रूप से युवा पीढ़ी वेदों के पावन ज्ञान और जीवनोपयोगी संदेश से जुड़ सके। उन्होंने कहा कि यह विडंबना है कि अनेक मत-मतांतरों के लोग अपनी धार्मिक पुस्तकों से परिचित होते हैं, लेकिन हिंदू समाज के अधिकांश युवाओं ने अपने मूल धर्मग्रंथ वेदों के दर्शन तक नहीं किए और बहुत से युवा वेदों के नाम तक से परिचित नहीं हैं। जब अपने मूल ज्ञान से ही अज्ञानता हो तो उसके मार्ग पर चलना कैसे संभव है?
हमारा उद्देश्य गांव-गांव जाकर घर-घर यज्ञ और वेदों के ज्ञान को पुनः स्थापित करना है। इस अवसर पर साहिल कुमार ने ग्रामीण बच्चों को समय प्रबंधन, योग एवं अध्यात्म से जुड़कर अपने जीवन को सफल बनाने का आह्वान किया। रामप्रकाश आर्य ने धार्मिक आडंबरों, पाखंड एवं अंधविश्वास से बचने के लिए ग्रामीण जनमानस से आर्य समाज के वैदिक विचारों से जुड़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर वृक्षारोपण भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सह भागिता करते हुए वेद प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। आयोजकों ने बताया कि वेद प्रचार महोत्सव के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न गांवों में यज्ञ, वैदिक सत्संग एवं जनजागरण कार्यक्रम आयोजित कर वेदों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में देवेंद्र आर्य,आचार्य आशाराम आर्य, खेमकरन आर्य, कौशल, संजय, आर्यवीर, मानशी,उन्नति आदि उपस्थित रहे।

