फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 25 अगस्त। नरोरा से काफी पानी छोड़े जाने के कारण आज सायं गंगा नदी खतरे के निशान के ऊपर पहुंच गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के प्रभारी ने बाढ़ के संबंध में आज शाम 4 बजे की रिपोर्ट मीडिया को जारी की है। जिसके मुताबिक गंगा नदी का जलस्तर 137.15 मीटर तक पहुंच गया है जबकि यह निशान सुबह 8 बजे 137.10 मीटर था। 8 घंटे में ही जल स्तर 5 सेंटीमीटर अधिक हो गया है। नरोरा स्केपिंग से 122 848 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा में भयंकर बाढ़ की स्थिति हो गई है। सायं 4 बजे की रिपोर्ट के मुताबिक रामगंगा 136.25 मीटर पर पहुंच गई है रामगंगा की सुबह 8 बजे 136.20 मीटर थी मालूम हो की रामगंगा का चेतावनी बिना 136.60 सेमी है।
रामगंगा में जल स्तर बढ़ने का कारण आज 4687 क्यूसेक पानी छोड़ जाना बताया गया। बाढ़ के कारण ग्राम शेरपुरा सराय मजरा कुंडपुरा में एवं कटरी तौफीक में मिट्टी का कटान शुरू हो गया है। जिला प्रशासन का दावा है की बाढ़ से कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। आज सुबह 8 बजे पांचाल घाट पर गंगा का जलस्तर 137.10 सेमी दर्ज किया गया था। गंगा नदी के द्वारा विकराल रूप धारण करने के कारण अमृतपुर क्षेत्र के सम्पर्क मार्गों पर पानी काफी ऊंचाई पर तेजी से बह रहा है ग्रामीणों को अवागमन अवरुद्ध हो गया है चित्रकूट डिपर पर 3 फीट से अधिक पानी बहने के कारण आवागमन बंद हो गया है, इसके बावजूद ग्रामीण अपनी जान को जोखिम में डालकर निकल रहे हैं।
घरों में पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों ने अपना सामान सड़क पर रख लिया है बरुआ संपर्क मार्ग, फखरपुर संपर्क मार्ग एवं गाजीपुर डिप पर एक फुट से अधिक पानी बहने लगा है क्षेत्रीय ग्रामीण की मुश्किलें काफी बढ़ गई है मच्छरों के प्रकोप के कारण ग्रामीणों को रात में जागना पड़ रहा है। जनपद में बाढ़ से आंशिक आबादी एवं कृषि प्रभावित है। तहसील सदर के 12 गाँव, (कटरी धरमपुर, कटरी भीमपुर, कटरी शिकारपुर आदि) तहसील कायमगंज के 25 गाँव (समाचीपुर चितार, कमथरी, सैदपुर पिस्तौर आदि) एंव तहसील अमृतपुर के 33 गाँव (करनपुर, कोडरी सारंगपुर, आसमपुर, चाचूपुर, आदि) प्रभावित है. इस प्रकार जनपद के कुल 70 गाँव में आबादी एवं कृषि व 20 गाँव में कृषि प्रभावित हुये है।
गंगा नदी के जलस्तर से जनपद के सभी गाँव में कुल जनसंख्या 78671 प्रभावित हुये है एंव 19295 परिवार प्रभावित है। जनपद में 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय मूलभूत सुविधाओं सहित स्थापित है। जिनमें 04 बाढ़ शरणालय (मंडी समिति शमसाबाद, मंडी समिति कायमगंज, सहकारी समिति मंडी अर्रापहाडपुर, रहमानिया गर्ल्स इन्टर कालेज) को उपयोग में लाया गया, जिनमें अभी तक 710 व्यक्ति प्रवास कर रहे हैं, जिन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ प्रभावित 14649 परिवारों को खाद्यान्न पैकेट का वितरण किया जा चुका है। आवागमन / खोज एवं बचाव हेतु जनपद में कुल 87 नावे एंव 18 मोटर बोट लगायी गयी है।
जनपद में राहत एवं बचाव कार्य हेतु 1 टीम एन०डी०आर०एफ० एव 01 कम्पनी फ्लड पी०ए०सी० मय मोटरवोट/उपकरण तैनात है। इसके अतिरिक्त जनपद में 53 स्वयं सेवी गोताखोरों की उपलब्धता है, जिनका उपयोग आवश्यकतानुसार किया जा रहा है। जनपद में समस्त बाढ़ प्रभावित ग्रामों में 321 मेडिकल कैंप लगाये गये है, जिसमें 18080 मानव उपचार किया गया है। 15701 ओ.आर.एस पैकेट/22394 क्लोरीन टेवलेट का वितरण किया जा चुका है। निरन्तर मेडिकल कैम्प यथावश्यक लगाये जा रहे है। जनपद में पर्याप्त मात्रा में एन्टी स्नेक वेनम एवं ए०आर० वी० की उपलब्धता है। बाढ प्रभावित ग्रामों में 100 पशु शिविर लगाये गये है।
जिनमें अभी तक 5851 पशुओं का उपचार एवं 13916 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। पशु राहत शिविरों में रहने वाले पशुओं को 470.92 कु० चारा (भूसा) का वितरण किया जा चुका है। बाढ़ से प्रभावित 57 परिवारों को पूर्ण क्षतिग्रस्त पक्का मकान के लिये धनराशि रू-1,20,000 प्रति परिवार को वितरण किया गया, है।

