अजय अनमोल ने कर दी प्रदेश व्यापी किसान आंदोलन की घोषणा

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 7 सितंबर। एशिया की सबसे बड़ी सातनपुर आलू मंडी में आज दोपहर बाद प्रदेश व्यापी किसान आंदोलन की घोषणा की गई। किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अजय अनमोल ने आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए शीतग्रह मालिक आलू आढतियों एवं किसानों के साथ विचार विमर्श किया। श्री अनमोल ने प्रदेश व्यापी किसान आंदोलन की घोषणा करते हुए कहा कि 18 सितंबर को कन्नौज जिले के जिला अधिकारी कार्यालय पर किसानों का आंदोलन होगा। उसके बाद कानपुर उन्नाव आदि जनपदों में आंदोलन करने के बाद लखनऊ विधानसभा का घेराव करेंगे। जरूरत पड़ने पर दिल्ली भी जाएंगे।

उन्होंने किसानों से आवाहन किया कि हक की लड़ाई लड़ने के लिए हर गांव में किसान कार्यालय खोलकर उस पर तिरंगा झंडा लगाए। अब हक पाने के लिए आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी की ओर इशारा करते हुए कहा की मन की बात सुनते- सुनते थक गए हैं अब किसानों की समस्या सुनकर निस्तारण करो, नहीं तो कुर्सी छोड़ दो। श्री अनमोल ने भाजपा सरकार के झूठ फरेब का खुलासा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने 2022 में किसानों की आमदनी दोगुने करने की घोषणा की थी। दुगनी आमदनी की बात तो छोड़िए अब आलू किसानों की लागत तक नहीं निकल पा रही है।

शीत गृहों में आलू छोड़ देने के बावजूद मलिक भाड़े का तगादा कर रहे हैं। आलू की दुर्दशा का उल्लेख करते हुए कहा कि की भूसा तक 1300 रुपए कुंतल में बिक रहा है और पानी की बोतल 20 रुपये में। उन्होंने बीते दिनों जिले में आए सूबे के मुख्यमंत्री योगी से सवाल किया कि उनको बाढ़ पीड़ितों की तरह किसी आलू किसान के घर जाकर उसकी भी समस्या सुनाई चाहिए थी। यदि सरकार चाहे तो आलू किसानों की त्रासदी को देखते हुए 24 घंटे में समस्या का समाधान कर सकती है। श्री अनमोल ने कहा कि किसानों की मांगे देश व समाज के लिए है एशिया में सबसे ज्यादा आलू की पैदावार फर्रुखाबाद में होती है। आलू सब्जी का राजा है आलू महंगा होने पर सब्जियों की महंगाई बढ़ जाती है और खाद्यान्न पर भी असर पड़ता है।

मानव जीवन के लिए आलू ज्यादा पैदा करना आवश्यक है। टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामजी वाजपेई एडवोकेट ने कहा कि उनका संबंध व्यापारियों से है और व्यापारियों का किसानों से। उन्होंने आलू नीत बनाई जाने की वकालत की। उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सदानंद शुक्ला ने कहा कि अच्छे भाव में आलू बिकने पर किसान सामान की खरीदारी करते हैं तभी व्यापार तेजी से चलता है और जमीनों के रेट बढ़ते हैं। आलू सस्ता बिकने के कारण किसान गढ्ढे में जा रहे हैं सरकार की नीति किसानों के हित में नहीं है। यदि आलू की यही हालत रही तो फर्रुखाबाद का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।

उन्होंने किसान आंदोलन में व्यापारियों के समर्थन की घोषणा की। शीत ग्रह संघ के महामंत्री मनोज उर्फ पप्पू रस्तोगी ने कहा कि आलू की निकासी न होने के कारण कोल्ड स्टोरेज बर्बादी की कगार पर हैं। उन्होंने आलू भंडारण मैं सरकार द्वारा 100 रुपए प्रति कुंतल अनुदान योजना की चर्चा करते हुए बताया कि इससे किसानों का भला नहीं होने वाला है। उन्होंने कहा कि आलू भंडारण का पूरा किराया मालिकों को देना चाहिए। नहीं तो सरकार ऐसी खैरात वापस लेले हम लोगों ने ही सरकार बनाई है।

किसान आंदोलन के मंडल प्रभारी अरविंद राजपूत ने बताया कि दो वर्षों से आलू काफी सस्ता बिक रहा है जबकि खाद व डीजल के रेट बढ़ गए हैं। आकाश कटियार ने कहा की आलू से किसानों के बच्चों का भी भविष्य निर्भर है उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा की पिताजी ने रात दिन मेहनत करके आलू की फसल तैयार की थी लेकिन सब कुछ तबाह हो गया है। आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला ने कहा कि आलू की कीमत बहुत ज्यादा गिर गई है ऐसे में कोल्ड स्टोरेज मलिक मसीहा बनकर किसानों की मदद कर रहे हैं उन्होंने आलू भंडारण पर्ची के आधार पर किसानों के खाते में रुपए डाले जाने की मांग। उन्होंने सरकार पर तंज करते हुए कहा कि हम लोग सरकार से भीख नहीं मांगेंगे बल्कि जरूरत पड़ने पर उनको चंदा दे देंगे।

व्यापारी नेता सर्वेश अग्रवाल ने कहा कि यदि किसानों की समस्या का हल नहीं किया तो अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। जनप्रतिनिधियों को किसानों के बजाय अपने टिकट की चिंता है। आलू आढ़ती परशुराम वर्मा ने सरकार से अनुदान के संबंध में नियमों को सरल करने मांग की। छिबरामऊ के प्रमुख किसान अच्छे मियां ने जनप्रतिनिधियों से सवाल किया कि वह कहते हैं कि इतना आलू क्यों पैदा करते हो तो नेताओं को भी चुनाव में कम वोट मिलना चाहिए। जनार्दन राजपूत ने कहा के अनुदान देने के मामले में किसानों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने नारा लगाया कि अधिक उत्पादन अधिक नुकसान, कैसा है भारत कृषि प्रधान।

कार्यक्रम का संचालन करने वाले एवं किसान आंदोलन के प्रभारी अशोक कटियार एडवोकेट ने सरकार की नीति पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा कि देश में कही भी आलू पर टैक्स नहीं लिया जाता है लेकिन यहां आज भी यहां की मंडी में 600 रुपए कुंतल के भाव से मंडी टैक्स लिया जाता है। इस आदेश की आलोचना करते हुए उन्होंने आलू पर मंडी टैक्स ना लिए जाने की मांग की। उन्होंने 605 रुपए प्रति कुंटल आलू खरीदारी की पोल खोलते हुए बताया कि प्रदेश में आलू खरीदारी के 35 केंद्र खोलकर लाखों रुपए खर्च किए गए और एक किलो तक आलू नहीं खरीदा गया।

श्री कटियार ने ऐसी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर बुलडोजर चलाई जाने मांग करते हुए कहा कि 2017 में किसान ही सरकार पर बुलडोजर चलाएंगे। उन्होंने सरकार से आलू त्रासदी घोषित किए जाने की मांग की। आलू आढ़ती राम लड़ते राजपूत ने भी बैठक का संचालन किया। रामसनेही यादव अंशुल कटियार, राधा मोहन मिश्रा, कुलदीप कटियार, हंस गंगवार, नारद कश्यप, नंदकिशोर राजपूत, व्यापारी नेता राजू गौतम आदि सैकड़ो लोग मौजूद रहे। अशोक कटियार ने मंचासीन लोगों को आलू की मालाएं पहनाई। उन्होंने बार-बार मना करने के बावजूद भी आलू आढ़ती संगठन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत को माला पहना दी, श्री राजपूत थोड़ी देर बाद ही मंच छोड़कर चले गए। अन्य सभी किसानों को भी आलू की मालाएं पहनाई गई। करीब ढाई बजे किसान, शीतग्रह वाले आलू आढ़ती हाथों में तिरंगा झंडा लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए रवाना हो गए।

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