जानिए- किसानों ने क्या मांगा मुख्यमंत्री से: दिया गया ज्ञापन

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 7 सितंबर। किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अजय अनमोल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को देखकर अनेकों मांगे की है। ज्ञापन में मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश के आलू उत्पादक किसानों की लगातार दो वर्षो से आलू के न के बराबर मूल्य मिलने के कारण फर्रुखाबाद सहित अन्य कई जनपदों में किसान अपनी बर्बादी से बेहद दुःखी और परेशान व आन्दोलित है। वो गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहे है, उनके लिये यह एक बड़ी त्रासदी की तरह है, किसान कर्ज में डूब गये है, उनके समस्त कार्य रूक गये है।

अधिक उत्पादन अधिक नुकसान के फार्मूले पर चल रही कृषि व्यवस्था इनके लिये अभिशाप बन गयी है, आलू की बर्बादी के कारण आलू पर आधारित उद्योग और व्यापार पर भी गहरा संकट मंडरा रहा है। बडे दुर्भाग्य की बात है कि किसानों के द्वारा किये गये आन्दोलन के बाद सरकार द्वारा 22 लाख मैट्रिक टन आलू की खरीद 605 रुपए 9 पैसे की दर से खरीद करने पर निर्णय किया गया था। जिनके फर्रुखाबाद मण्डी सहित 35 क्रय केन्द्र भी खोले गये जिस पर सरकार का लाखों रूपया खर्च भी किया गया किन्तु किसानों का 1 किलों आलू भी नहीं खरीदा गया। जिससे सरकार की योजनाओं पर किसानों का विश्वास उठ रहा है।

आलू किसानों ओर आलू व्यवसाय से जुड़े लोगों के हित में न्यायोचित मांगो को लेकर किसान आन्दोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में आज सातनपुर आलू मण्डी में सभा की। कलेक्ट्रेट फतेहगढ़ में प्रदर्शन कर हजारों किसान व्यापारी, आलू आढ़ती (आलू निर्यातक) व शीतगृह स्वामी व आयोजक प्रदेश व्यापी आन्दोलन की शुरूआत कर अपनी निम्नलिखित मांगे प्रस्तुत कर रहे है।

मुख्य मांगे

आलू किसानों की बारबार बर्बादी को रोकने के लिये अविलम्ब आलू नीति बनायी जाये, जिसमें किसानों का हर हालत में उनकी लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम मूल्य मिलेगा इसकी स्पष्ट व्यवस्या होनी चाहिये। जब तक आलू नीति नहीं बनती है, तब तक तत्काल प्रभाव से किसानों को वर्तमान संकट से निकालने के लिये तत्काल मदद हेतु किसान आन्दोलन की निम्न मांगो को पूरा किया जाये।

1- शीतगृहों में भण्डारित आलू को सम्पूर्ण भण्डारण शुल्क सरकार जमा करें।

2- अन्य राज्यों की तरह उत्तर प्रदेश में भी आलू पर तत्काल मण्डी टैक्स समाप्त किया जाये।

3- हाइब्रिड आलू को 1000 रुपए प्रति कुंतल व चिप्सोना, हॉलेण्ड (प्रोसिसिंग क्वालिटी) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1500 रुपए क्विंटल घोषित कर इससे कम भाव आने पर भाव अन्तर योजना बनाकर भाव के अन्तर का पैसा किसानों को सरकार अदा करें।

4- आलू का भाव घरेलू मण्डियों में बढ़ाने के लिये देश भर में आलू का रेल द्वारा आलू ले जाने पर वर्तमान आलू की मंदी के संकट तक रेल का भाड़ा फ्री किया जाये।

5- आलू को निर्यात प्रतिबन्धों से मुक्त किया जाये दुनिया के विभिन्न देशों में आलू का निर्यात बढ़ाया जाये और निर्यातकों को परिवहन में दी जा रही 25 प्रतिशत की छूट को 50 प्रतिशत किया जाये।

6- आलू किसानों के सम्पूर्ण कर्जे समाप्त कर उन्हें कर्ज मुक्त किया जाये।

7- आलू को राशन की दुकानों के माध्यम से वितरित कराया जाये व गौशाला व अन्य योजनाओं में भी उपयोग किया जाये।

मुख्यमंत्री से निवेदन किया गया कि व्यापक जनहित को दृष्टिगत रखते हुये किसान आन्दोलन की उक्त सभी मांगो को स्वीकार कर सरकार किसानों के आर्थिक संकट को दूर करने का निर्णय करें। ज्ञापन पर अशोक कटियार प्रदेश प्रभारी किसान आन्दोलन अरविन्द राजपूत मण्डल उपाध्यक्ष, सुधीर शुक्ला आलू निर्यातक, हर्ष गंगवार,जिलाध्यक्ष,अजय अनमोल प्रदेश अध्यक्ष किसान आन्दोलन, प्रवीण कटियार,मनोज रस्तोगी महामंत्री, शीतगृह संघ,राम लडैते राजपूत आलू आढ़ती,सर्वेश अग्रवाल व्यापार मण्डल ने हस्ताक्षर किए।

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