फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 3 अक्टूबर 26। शमशाबाद थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर पत्रकार की ओर से मीडिया कर्मी, तत्कालीन एसओ, कस्बा इंचार्ज, कानूनगो, लेखपाल आदि के विरुद्ध मुकदमा कायम किया है। पुलिस टाउन एरिया शमशाबाद के मोहल्ला दलवीर खान निवासी पत्रकार महेश वर्मा की ओर से रिपोर्ट दर्ज की है। जिसमें कम्पिल निवासी मुन्ना खां, मझली हवेली निवासी जितेन्द्र शाक्य पुत्र सुभाषचन्द्र, कृष्णकान्त क्षेत्रीय लेखपाल, हरमुख सिंह राजस्व निरीक्षक, रमेश सिंह तत्कालीन थानाध्यक्ष शमशाबाद, सुरेश सिंह, कस्बा इंचार्ज को आरोपी बनाया गया है।
महेश वर्मा ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि प्रार्थी ने न्यायालय सिविल (जूडि) की अदालत में वाद महेश वर्मा आदि बनाम सियाराम आदि, स्थाई व्यादेश का वाद दायर किया है। जिसमें माननीय द्वारा अन्तरिम व्यादेश आदेश पारित किया गया तथा प्रतिवादीगण को हस्तक्षेप करने से रोका गया जो प्रभावी है। उसके बावजूद थानाध्यक्ष शमशाबाद व कस्वा इंचार्ज, मुन्ना खां, जितेंद्र शाक्य, कानूनगो से सांठ-गांठ करके न्यायालय सिविल जज के आदेश को न मानते हुए जबरिया अनैतिक रूप से 26.04.26 सुबह 9 बजे अवैध रूप से कब्जा कर अवैध निर्माण कर रहे हैं।
थानाध्यक्ष व चौकी इंचार्ज न्यायालय के आदेश को मानने को तैयार नहीं हैं। तथा बार-बार अनुचित लाभ मांगते हैं तथा थानाध्यक्ष न्यायालय के आदेश की अवहेलना करते आ रहे हैं। थानाध्यक्ष की न्यायालय का कृत्य संतोषजनक नहीं हैं, उसके बावजूद भी 26.04.26 को सुबह 9 बजे जबरिया अवैध कब्जा करा रहे हैं। जब प्रार्थी ने उक्त जबरिया कब्जा करने से मना किया, तो मुन्ना व जितेन्द्र ने प्रार्थी के साथ हाथापाई कर प्रार्थी को जानमाल की धमकी देते हुए मौके से भगा दिया।
प्रार्थी उक्त घटना की शिकायत करने थाना शमशाबाद गया, तो थानाध्यक्ष व सिटी इंचार्ज ने प्रार्थी को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां देते हुए भगा दिया। कहा कि दोबारा जगह के पास दिखाई न देना और ये आदेश अपने पास रखो। ऐसे मुकदमे में चालान करेंगे कि पूरी जिंदगी जेल में सड़ते रहोगे। हम लोग जो रिपोर्ट भेजते हैं, उस पर ही न्यायालय काम करता है, हम किसी के लिये वाध्य नहीं हैं। आनंद भान शाक्य: मुकदमे की जांच उप निरीक्षक राजेंद्र कुमार रावत को सौंपी गई है।
मालूम हो कि पत्रकार महेश वर्मा की शिकायत पर थानाध्यक्ष रमेश सिंह को हटा दिया गया था कानूनगो सेवानिवृत हो चुके हैं जबकि लेखपाल का भी तबादला हो गया है। पत्रकार महेश वर्मा पत्रकार एसोसिएशन के जिला उपाध्यक्ष है। जब पत्रकार जितेंद्र शाक्य संगठन में शामिल थे तब उन्होंने वरिष्ठ पदाधिकारियों से मामले की पंचायत करने को कहा था। पदाधिकारियों ने जिले से बाहर होने के कारण मामले को निपटाने के लिए तीन-चार दिन का समय लिया था।
लेकिन इसी बीच पत्रकार जितेंद्र शाक्य ने अपने समर्थक को विवादित जमीन पर कब्जा करवाने में मदद की। जितेंद्र शाक्य ने पदाधिकारियों को बताया था कि इस जमीन में उनके उनके रुपए लगे हैं। शायद इसीलिए जितेंद्र शाक्य पत्रकार के साथ विवाद को निपटने का प्रयास नहीं किया। इस बार जितेंद्र शाक्य को पत्रकार एसोसिएशन की सदस्यता नहीं दी गई।

