फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 2 नवंबर 26। बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के चेयरमैन शिवकिशोर गौड़ व वाइस चेयरमैन अनुराग पांडे ने अधिवक्ता महासभा तहसील सदर के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। श्री गौड़ ने कहा कि तहसील भवन को यहां से नहीं हटना चाहिए, यदि जरूरत पड़ी तो वह हाई कोर्ट एवं सूबे के मुख्यमंत्री से बात करेंगे। वाइस चेयरमैन श्री पांडे ने भी तहसील भवन न हटने देने पर जोर देते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त तहसील भवन की मरम्मत की जा सकती है। वह मरम्मत का खर्चा हाईकोर्ट से दिलवाने का प्रयास करेंगे और जरूरत पड़ी तो तहसील न हटाने के लिए आंदोलन भी करेंगे। 
श्री पांडे ने अधिवक्ताओं को सलाह दी कि वह किसी भी कीमत पर किसी भी अधिवक्ता के खिलाफ वकालतनामा न लगाये। नगर पालिका कार्यालय परिसर में आयोजित समारोह में अधिवक्ता महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष योगेश चंद दीक्षित, महासचिव जनार्दन दत्त राजपूत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष संजय चावला, सहसचिव उमाशंकर सक्सेना, ऑडिटर राकेश कुमार सक्सेना, कोषाध्यक्ष दिलीप कुमार सक्सेना, पुस्तकालय अध्यक्ष प्रदीप कुमार गुप्ता एवं सदस्य नेम सिंह राजपूत, नासिर मोहम्मद खां, अनुराग तिवारी, अंशुमान सिंह, प्रकाश सिंह द्विवेदी, आसिफ अली खां एवं सौरभ सक्सेना को शपथ ग्रहण कराई गई।
टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रवीन माथुर ने सभी अधिवक्ताओं के संगठनों के एक मंच पर आने की सलाह देते हुए कहा कि आपस में मंथन करके समस्याओं का समाधान किया जाए।
टैक्स बार एसोसिएशन वरिष्ठ अधिवक्ता रामजी वाजपेई ने अधिवक्ताओं की गिरती गरिमा पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि जूनियर अधिवक्ताओं को सीनियर का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम जब किसी को कोट पहन कर अधिवक्ता को गरीबों के साथ बदसलूकी करते देखे हैं तो बहुत कष्ट होता है। फर्जी वकील पर पकड़े जाते हैं ऐसे लोगों की हम लोगों को ही निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने तीन या छह माह में बैठक करके समस्याओं का समाधान करने का सुझाव दिया। 
तहसील सदर बार एसोसिएशन के पराजित सचिव पद के प्रत्याशी रविनेश चंद यादव ने अफसोस जाहिर किया की सभी अधिवक्ता एक नहीं हो सके और दो संगठन बन गए। अधिवक्ता गौतम वर्मा ने आपस में मतभेद न होने की उम्मीद जाहिर करते हुए कहा की दिल से एक रहना चाहिए। कन्याकुमारी विश्वविद्यालय केंद्र की मंजू बहन ने निर्वाचित अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि हम लोग एक ही पिता की संतान है। अधिवक्ता अजय कुमार त्रिवेदी उर्फ अज्जू ने कहा कि अधिवक्ता महासभा के निर्विरोध चुनाव से सूर्य का उदय हुआ है। पूर्व विधायक राजपूत ने बताया कि वह 1989 मे जिले की पहली महिला अधिवक्ता बनी थी। 
महामंत्री जनार्दन दत्त एडवोकेट ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को प्रतिमाएं भेंट कर सम्मानित किया। इसी दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार ने मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि को महत्वपूर्ण विधि प्रहरी पुस्तकें भेंट की। इसके संपादक स्वयं जवाहर सिंह गंगवार एवं सह संपादक रामसनेही उर्फ मुन्ना यादव एडवोकेट है।
समारोह में रामकृष्ण राजपूत, राजेंद्र सिंह यादव एडवोकेट, टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ता के एस कुशवाहा, महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट, स्टेट बैंक से रिटायर कर्मचारी नेता विजय अवस्थी, देवेंद्र सिंह यादव एडवोकेट आदि ने विचार व्यक्त किये। समारोह का सफलतापूर्वक संचालन करने वाले रामसनेही उर्फ मुन्ना यादव ने बताया की स्वर्गीय कामता प्रसाद एडवोकेट ने अधिवक्ता महासभा की स्थापना की थी जबकि वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने वर्ष 2006 में अधिवक्ता महासभा का पंजीकरण कराया है। उन्होंने कहा कि जो काम कोई नहीं कर सकता वह कार्य अधिवक्ता करते हैं बिना अधिवक्ता के सहयोग से समाज में कोई भी सुरक्षित नहीं है। अब अधिवक्ताओं के अधिकारों पर डकैती जा डाली जा रही है।
उन्होंने निर्विरोध चुनाव होने पर प्रशंसा जाहिर करते हुए कहा कि इससे अधिवक्ताओं में वैमनस्यता नहीं फैली। अब प्रति वर्ष निर्विरोध ही चुनाव कराए जाने का प्रयास किया जाएगा, उन्होंने सभी अधिवक्ताओं को संगठित रहने की सलाह दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेंद्र कुमार त्रिपाठी एडवोकेट ने की। समारोह में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार, तहसील बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष मंजेश कटियार, नोटरी अधिवक्ता ओम प्रकाश सिंह, प्रदुमन गुप्ता एडवोकेट, विपिन बिहारी सक्सेना एडवोकेट, आशुतोष कटियार एडवोकेट, व्यापारी नेता सदानंद शुक्ला, आलू आढ़ती परशुराम वर्मा, नरेश चंद्र गुप्ता एडवोकेट, लेखक संघ के अध्यक्ष विनोद कुमार सक्सेना, सुधीर शर्मा एडवोकेट, व्यापारी संजय गर्ग, प्रदुमन गुप्ता एडवोकेट आदि अनेकों लोग मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि शिवकिशोर गौड़ के संकिसा एवं नीम करोरी धाम चले जाने के कारण कार्यक्रम काफी विलंब से शुरू हुआ। मुन्ना यादव संचालन करते करते हताश हो गए जब कोई वक्ता नजर नहीं आया तो उन्होंने अज्जू त्रिवेदी को माइक थमा दिया।

























