भूमि बचाने सड़क पर उतरे गुस्साए किसान: औद्योगिक गलियारा भूमि अधिग्रहण का मामला

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 2 नवंबर 26। सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती के अवसर पर अपनी भूमि बचाने के लिए जिले के गुस्साए किसान सड़क पर उतरे। किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में शमशाबाद ब्लॉक के ग्राम अमलैया आशानंद में भूमि बचाओ किसान सम्मेलन एवं पटेल जयंती समारोह का आयोजन किया गया। किसानों ने औद्योगिक गलियारे के नाम पर जनपद की हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि के प्रस्तावित अधिग्रहण का जोरदार विरोध किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल ने कहा कि औद्योगिक गलियारे के नाम पर लगभग 55 हजार बीघा उपजाऊ भूमि के अधिग्रहण का प्रस्ताव किसानों के हितों के विरुद्ध है।
उन्होंने कहा, यह प्रस्ताव कानून के विरुद्ध है।

सबसे बड़ी विडंबना यह है कि सरकार संसद में स्वयं बनाए गए भूमि अधिग्रहण कानून, 2013 को ही लागू नहीं कर रही है। जब संसद ने किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून बनाया है, तो सरकार उसी कानून की भावना को दरकिनार कर किसानों की जमीन लेने के नए रास्ते क्यों तलाश रही है? अजय अनमोल ने कहा कि विकास के नाम पर किसानों की उपजाऊ भूमि लेकर विनाश का रास्ता तैयार नहीं किया जा सकता। किसान अपनी जमीन का मालिक है और अपनी आजीविका का आधार किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों के समय के 1894 के भूमि अधिग्रहण कानून के स्थान पर संसद ने वर्ष 2013 में नया भूमि अधिग्रहण कानून बनाया, जिसमें किसानों के अधिकारों, उचित मुआवजे, सहमति और पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए। इसके बावजूद यदि किसानों की भूमि लेने के लिए कानून की भावना को दरकिनार किया जाता है, तो किसान इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेंगे।

उन्होंने कहा, कि किसान जागरूक है अपनी उपजाऊ भूमि बचाने के लिए किसान एकजुट है और सरकार के जमीन लेने के किसी भी प्रयास को सफल नहीं होने देगा। श्री अनमोल ने कहा कि 29 नवंबर को किसान पुनः एकत्रित होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे और भूमि बचाने का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सरदार पटेल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सरदार पटेल किसानों के अधिकारों की लड़ाई से निकले महान नेता थे। उनके पदचिह्नों पर चलते हुए किसान अपनी जमीन और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ेंगे।

किसान आंदोलन के प्रदेश प्रभारी अशोक कटियार ने कहा कि किसानों की भूमि लेकर पूंजीपतियों को सौंपने की कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा। किसान अपनी भूमि का मालिक है और उसका यह अधिकार कोई नहीं छीन सकता। जिलाध्यक्ष हर्ष गंगवार ने कहा कि किसानों की भूमि बचाने का आंदोलन अधिग्रहण प्रस्ताव वापस होने तक जारी रहेगा। जिला प्रभारी बीके गंगवार ने कहा कि अधिग्रहण के नाम पर भूमि लेने का अभियान स्वीकार नहीं किया जाएगा। जिला प्रवक्ता देवेश चतुर्वेदी ने कहा कि किसान अन्याय के खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहेंगे।

सम्मेलन में जिला प्रचार मंत्री रमेश राठौर, प्रमोद गंगवार प्रधान, मृदुल गंगवार, बिजेंद्र गंगवार, अनुराग, सुनील कुमार पूर्व प्रधान, मदारी गंगवार, तहसील सचिव सुलभ पटेल, विष्णु चंद जीनगर, महिला अध्यक्ष गुड्डी देवी, लक्ष्मी देवी, कमला देवी, प्रीति देवी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं महिलाएं उपस्थित रहीं।
सम्मेलन के बाद किसान आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष अजय अनमोल के नेतृत्व में किसानों ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने जोरदार नारे लगाए—

जमीन हमारी,भाव सरकारी—नहीं चलेगा,नहीं चलेगा!

किसानों ने स्पष्ट किया कि अपनी उपजाऊ भूमि बचाने की यह लड़ाई प्रस्ताव वापस होने तक जारी रहेगी।

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