डीएम का भूमि संबंधी विवाद निपटाने का फरमान: काम के नाम पर होती है खानापूर्ति

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 7 नवंबर 26। जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने तहसील समाधान दिवस के दौरान भूमि संबंधी विवाद तुरंत ही निपटाने का फरमान जारी किया है। अधिकारी आए दिन भूमि संबंधी विवाद निपटने के लिए आदेश जारी करते हैं लेकिन आदेश का असलियत में पालन करने वाला लेखपाल अपनी मर्जी से ही काम करता है। लेखपाल यदि संतुष्ट हो जाए तो तुरंत ही काम कर देता है नहीं तो काम को बेगार समझकर गलत रिपोर्ट लगाकर खानापूर्ति कर देते हैं। अधिकांश लेखपालों ने पीड़ित लोगों से वसूली करने के लिए दलाल पाल रखे हैं। जो पीड़ित से काम करवाने के नाम पर रूपयों की वसूली करते हैं, आईजीआरएस की शिकायत पर गलत रिपोर्ट लगना आम बात हो गई है। कभी इस बात की जांच नहीं की जाती है की एसडीएम तहसीलदार के आदेश का कानूनगो व लेखपाल पालन करते हैं कि नहीं।

खासकर तहसीलदार भी इस बात पर कतई ध्यान नहीं देते हैं कि पीड़ित बार-बार उनके पास क्यों आता है। अधिकारी का संरक्षण मिलने के कारण कानून को एवं लेखपाल अधिकारी के आदेश पर कोई सुनवाई नहीं करता। लेखपाल के मिलने का कोई स्थान नहीं होता है जब पीड़ित फोन पर लेखपाल से संपर्क करता है तो लेखपाल उसी व्यक्ति का फोन रिसीव करता है जिससे उसका काम है। तहसील अमृतपुर के समाधान दिवस पर आज जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादियों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त होने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक शिकायत का स्थलीय सत्यापन करते हुए शिकायतकर्ता को संतुष्ट करने योग्य प्रभावी कार्यवाही की जाए। जिन मामलों में मौके पर जांच अथवा निरीक्षण की आवश्यकता है, उनमें संबंधित अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर वस्तुस्थिति का परीक्षण करें तथा नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राजस्व विभाग से संबंधित धारा-24 के प्रकरणों के संबंध में निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में तहसील स्तर के क्षेत्रीय अधिकारी कार्यवाही के दौरान मौके पर अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराएं। इससे कार्यवाही में पारदर्शिता बनी रहेगी तथा भूमि की पैमाइश एवं सीमांकन से संबंधित मामलों का निष्पक्ष एवं स्पष्ट अभिलेखीकरण सुनिश्चित हो सकेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब न किया जाए तथा शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्षता के साथ कार्यवाही की जाए।

उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि तहसील समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए निर्धारित समयसीमा में निस्तारित करें। शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही का विशेष ध्यान रखा जाए। किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा शिकायतकर्ता को की गई कार्यवाही से अवगत भी कराया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसामान्य की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान शासन और प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। अतः सभी अधिकारी जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, जिससे आमजन को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

तहसील समाधान दिवस के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ0 आनन्द उपाध्याय, उप जिलाधिकारी अमृतपुर स्वेता साहू, क्षेत्राधिकारी अमृतपुर राजेश कुमार, जिला विकास अधिकारी श्याम कुमार तिवारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय एवं तहसील स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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