फर्रुखाबाद।(एफबीडी न्यूज़) ट्रेन में बदसलूकी कर 80 किलोमीटर दूर जंगल में छोड़ने वाले टीसी के विरुद्ध पीड़ित महिला यात्री ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना व मोहल्ला कादरी गेट निवासी अरविंद कुमार दुबे की पत्नी श्रीमती रजनी ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि मैं 139/13ए गनपत का बगीचा तहसील के पीछे शहर व जनपद झांसी की मूल निवासी हूं। 30.07.2025 को अपने पुत्र लव दुबे के साथ मथुरा छपरा एक्सप्रेस ट्रेन संख्या-15109 कानपुर सेन्ट्रल से बैठकर फर्रुखाबाद आ रही थी।
मेरे व उसके पुत्र लय दुवे के पास सामान्य श्रेणी की टिकिट थी। ट्रेन में बैठने के दौरान भीड वजह से पुत्र सहित सामान्य श्रेणी के डिब्बे में चढ नही पायी। तब तक ट्रेन चलने लगी तो हम लोग भागकर एस-1 कोच में घुस गये और गेट के पास खाली जगह पर खड़े हो गये। वहां से ट्रेन फर्रुखाबाद स्टेशन के समीप पहुंची। वैसी ही ट्रेन में ड्यूटी पर तैनात टी.सी. अरविन्द जिसकी तैनाती सी.पी.ए. (कानपुर-अनवरगज) में है एकदम भागकर आया। यात्रा के बारे में वह जानकारी करने लगा। जिस पर मैंने उससे कहा कि मुझे इसी फर्रुखाबाद स्टेशन पर उतरना है।
जिस पर वह एकदम दरवाजे पर खड़ा हो गया, मुझे व पुत्र को उतरने नहीं दिया। उसने मुझको धक्का देकर व बेटों को हाथ पकड़कर दरवाजे से अन्दर की तरफ धकेल दिया। मेरे विरोध करने व चिल्लाने पर दो टी.सी. जिनको सामने आने पर भली भांति पहचान सकती हूं आ गये। तीनों लोगो ने मिलकर मुझे व पुत्र के साथ गाली गलौज किया व उक्त टी.सी. अरविन्द ने मेरे साथ छेडखानी की। उपरोक्त लोगो ने मुझे व उसके पुत्र को गाड़ी से उतरने नहीं दिया और तीनो लोग मिलकर गाडी में बैठाकर आगे ले गये।
जबरदस्ती कासगंज तक की पेनाल्टी टिकट बना दी। टिकट बनाते समय उपरोक्त लोगों ने पर्स में अधिक पैसे रखे हुए देख लिये। टी.सी. अरविन्द ने जबरदस्ती करीब 1400 रुपये पर्स से निकाल लिये। जब मैने इसका विडियो बनाने का प्रयास किया तो उक्त अरविन्द ने जबरदस्ती मेरा मोबाइल छीन लिया। अन्य यात्रियो के हस्तक्षेप से बड़ी मुश्किल से मेरा मोबाइल वापस किया। फर्रुखाबाद से ले जाकर मारते पीटते हुये करीब 80-81 कि०मी० दूर जंगल गाडी रुकवायी।
मुझे व पुत्र को कानूनी कार्यवाही करने पर जान से मारने की धमकी देते हुये रात के अधेरे मे जबरदस्ती गाडी से उतार दिया। हम लोग अनजबी जगह पर थे जैसे तैसे बड़ी मुश्किल से भयभीत अवस्था में सुबह घर पर आये। जीआरपी थाना अध्यक्ष ने शिकायती पत्र की उपनिरीक्षक नरेंद्र कुमार से जांच कराई। शिकायत सही पाए जाने पर थाना अध्यक्ष ने मुकदमा दर्ज कराकर विवेचना उप निरीक्षक नरेश कुमार को सौंपी है। मालूम हो कि ट्रेन को निजी संपत्ति समझने वाले टीसी अक्सर यात्रियों के साथ बदसलूकी रूपयों की अवैध वसूली करते है।