चरित्र निर्माण शिविर का भव्य शुभारंभ: आर्य समाज का कार्यक्रम

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) आर्य सामज के संस्थापक महर्षि दयानंद सरस्वती के अनन्य भक्त स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती की बलिदान शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा फर्रुखाबाद के तत्वावधान में मेला श्रीरामनगरिया के वैदिक क्षेत्र, चरित्र निर्माण शिविर का आज भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारतीय सेना के पूर्व कैप्टन राजीव सिंह यादव बरेली,
सूबेदार राकेश सिंह जादौन,विवेक सिंह राठौर आदि सैनिकों के द्वारा ध्वजारोहण कर शिविर का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर सभा के प्रधान आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती एवं स्वामी श्रद्धानंद महान समाज सुधारक व राष्ट्रीय चिंतक थे। उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के निवारण के साथ-साथ नारी शिक्षा पर विशेष बल दिया तथा स्त्रियों को पुरुषों के बराबर वेद आदि धार्मिक ग्रंथों को पढ़ने का अधिकार दिया।

उन्होंने समाज मे व्याप्त गुलामी की मानसिकता को छोड़ क्रांति के लिए लोगों को प्रेरित किया उनकी प्रेरणा से हजारों युवा स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए। सभी क्रांतिकारियों के प्रेरणा स्त्रोत दयानंद व उनका अमर ग्रंथ सत्यार्थप्रकाश था। शिविर के संयोजक डॉ हरिदत्त द्विवेदी ने सैनिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सैनिकों के तप, त्याग, शौर्य के कारण हमारा देश सुरक्षित है हम सैनिकों के अदम्य साहस को प्रणाम करते हैं। डॉक्टर शिवराम आर्य ने कहा कि देश की एकता अखण्डता के लिए शस्त्र एवं शास्त्र बल दोनों की आवश्यकता है, रामस्नेही आर्य उर्फ मुन्ना यादव ने मंच का संचालन करते हुए बताया कि शिविर में संत सम्मेलन, महिला सम्मेलन व राष्ट्र रक्षा आदि सामाजिक विषयों को लेकर विविध सम्मेलनों व गोष्ठियों का आयोजन किया जाएगा। साथ ही विराट कवि सम्मेलन व शोभायात्रा के माध्यम से कल्पवासियों को राष्ट्र सेवा व आर्य समाज के विचारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

वैदिक क्षेत्र में पूरे देश से विद्वान सन्यासी एवं भजनो पदेशक उपस्थित होते हैं जिससे लाखों लोग वेद के बताए हुए मार्ग पर चलने के लिए संकल्प लेते हैं। कार्यक्रम में उदिता आर्या ने प्रभु भक्ति एवं ऋषि महिमा भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। अंत में वैदिक क्षेत्र, चरित्र निर्माण शिविर में आए हुए सभी सैनिकों को शॉल एवं स्मृति चिन्ह आदि के द्वारा सम्मान किया गया। आचार्य ओमदेव आर्य, आचार्य हरिओम शास्त्री ने यज्ञ कराया। जिसमें योगेन्द्र आर्य नीता आर्या, बृजेन्द्र सिंह, उर्मिला देवी यजमान रहे।
कार्यक्रम में सर्वेश शुक्ल, दलवीर शास्त्री, सरोज शास्त्री ,आर्येन्द्र पाण्डेय, हरिशंकर आर्य, शिवनारायण आर्य, लालाराम आर्य, मुन्नालाल राठौर, सुरेश चंद्र वर्मा,डॉ हरिनंदन सिंह, दफेदार आर्य, सुरेंद्र आर्य,स्वामी श्यामानंद, उदयराज आर्य, रेशमा दासी,मीरा शास्त्री, रेनू आर्या,सन्ध्या आर्या आदि उपस्थित रहे।

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