पेट्रोल पंप मालिक व उसके साथी 3 तमंचों सहित गिरफ्तार: कार सीज

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) पेट्रोल पंप मालिक का पुत्र व उसके दो साथी तीन तमंचों सहित गिरफ्तार किए गए। रुतबा जमाने के लिए कार में तमंचे रखकर घूम रहे थे। मऊदरवाजा थाना अध्यक्ष अजब सिंह बीती शाम ग्राम बरौन क्षेत्र के रेलवे के अंडर पास के निकट से गुजर रहे थे। पुलिस को आता देखकर वैगन आर सवार तीनों युवक पुलिस को चकमा देने के लिए कार को खड़ा कर पेशाब करने लगे। संदेह होने पर थाना अध्यक्ष रुक गए उन्होंने सहयोगी पुलिसकर्मियों को युवकों पर नजर रखने को कहा। इसी दौरान पुलिस ने वेगन आर की तलाशी ली जब पुलिस ने कार का डेस्क बोर्ड को खोला तो उसमें पुलिस को 315 बोर के कारतूस मिले।

कारतूस मिलने के बाद पुलिस को संदेह हो गया कि इन लोगों के पास तमंचा है पुलिस ने काफी गहराई से कार में तमंचे को तलाश किया कार में तमंचा न मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल के चारों ओर एवं गेहूं के खेत को खंगाला। इसी दौरान पुलिस को एक पत्थर के नीचे रखें तीन तमंचे मिल गये। पुलिस ने तमंचों व कारतूसों की बरामदगी के बाद ग्राम बरौन निवासी सौरभ पुत्र सुभाषचन्द्र कठेरिया, मनु कुमार उर्फ अशोक कुमार पुत्र योगेश कुमार कठेरिया एवं
श्लोक भुर्जी पुत्र सुरेश चन्द्र को गिरफ्तार कर कार को कब्जे में ले लिया। मऊदरवाजा थानाध्यक्ष अजब सिंह ने मीडिया को बताया कि रात्रि गश्त व संदिग्ध व्यक्ति व वाहन चैकिंग की जा रही थी। उसी दौरान सूचना मिली कि एक वैगनआर कार में तीन व्यक्ति अवैध तमंचों व कारतूस के साथ किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं।

पुलिस द्वारा वैगनआर कार में सवार तीन व्यक्तियों सौरभ, मनु एवं श्लोक को 3 अवैध तमंचा 315 बोर, 2 कारतूस 315 बोर व 1 मिस कारतूस 315 बोर सहित हिरासत में लिया गया। वैगनआर कार के वैध प्रपत्र उपलब्ध न कराने पर कार को एमवी एक्ट मे सीज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। तलाशी में अभियुक्तों के पास 1200 रुपये बरामद हुए। अभियुक्त सौरभ, मनु कुमार उर्फ अशोक तथा श्लोक ने पुलिस की पूंछताछ पर गलती की माफी मांगते हुये बताया कि यह तमंचे हम लोगो ने गाँव में अपना रुतबा दिखाने के लिये रखे थे। गिरफ्तारी के दौरान उप निरीक्षक पंकज कुमार, दीवान अनुज तिवारी व सिपाही रक्षपाल मौजूद रहे। बताया गया है कि सौरभ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्यकर्ता है उसके पिता सुभाष का गांव में ही पेट्रोल पंप है सुभाष एडीओ पंचायत पद से सेवा निवृत हुए हैं। श्लोक का पिता गोलगप्पे की ठेली लगाता है।

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