बेटा ही निकला मां-बाप, पत्नी व बेटी का हत्यारा

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) जनपद एटा पुलिस ने 24 घंटे के अंदर ही चौहरे हत्याकांड का पर्दाफाश कर परिवार के ही बेटे कमल को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कमल सिंह शाक्य नशेड़ी प्रवृत्ति का है। बताया जाता है कि कमल सिंह बेटी के द्वारा प्रेमी के साथ की जाने वाली शादी से बेहद नाराज था। लड़की ने शादी करने के लिए दादा दादी व मां को मना लिया था। इसी खुन्नस के कारण वीभत्स हत्याकांड को अंजाम दिया है। घटना के बाद पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए कर आरोपी कमल से रात भर पूंछताछ की। पुलिस की जबरदस्त पूछताछ के दौरान कमल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

चारों मृत परिजनों का अंतिम संस्कार शहर के भूतेश्वर घाट पर किया जा रहा है। वहां कमल सिंह को नहीं ले जाया गया। सभी को मुखाग्नि कमल सिंह के नाबालिक बेटे देवांश ने दी जनपद एटा-शिकोहाबाद रोड स्थित नगला प्रेमी में कमल सिंह का ऑप्टिकल स्टोर है। कमल के कैंसर पीड़ित वृद्ध पिता गंगा सिंह और मां श्यामा देवी के अलावा पत्नी रत्ना, दो बेटियां लक्ष्मी और ज्योति के अलावा 10 साल का बेटा देवांश रहते थे। पड़ोसियों के अनुसार, छोटी बेटी ज्योति नोएडा में नौकरी करती थी। वहां उसका किसी युवक से अफेयर हो गया। परिजनों के समझाने के बावजूद ज्योति प्रेमी के साथ ही शादी करने पर अड गई। मजबूरन परिवार वाले शादी को तैयार हो गये।

शादी की तारीख 11 फरवरी तय हो गई। ज्योति तीन दिन पहले नोएडा से शादी की तैयारी के लिए घर आई थी। कमल घर से खरीदारी करने की बात कहकर बाजार गया था सोमवार सुबह देवांश स्कूल और बड़ी 21 वर्षीय लक्ष्मी ऑप्टीकल स्टोर चली गई। घर के मुख्य गेट के पास लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग के मुताबिक कमल दोपहर को घर लौटा और लगभग एक घंटे बाद फिर चला गया। सवा दो बजे देवांश स्कूल से गया मकान के दरवाजे खुले थे। घर के अंदर घुसते ही फर्श पर खून ही खून बिखरा देखकर देवांश घबरा गया। वह दौड़कर दादा के कमरे में पहुंचा तो पलंग पर गंगा सिंह का लहूलुहान शव पड़ा था। बगल में फर्श पर दादी श्यामा देवी अंतिम सांसें गिन रही थी। वीभत्स घटना देखकर देवांश चीखते हुए बाहर भागा।

उसने शोर मचाया कि मेरे दादा-दादी को मार डाला है। बच्चे को चीखता देख पड़ोसी पहुंच गए। घर के हालात देखकर पड़ोसियों के होश उड़ गए। वह लोग ऊपर पहुंचे तो वहां कमरे में पलंग पर कमल की पत्नी रत्ना का लहूलुहान शव पड़ा था। फर्श पर बेटी ज्योति के गले में दुपट्टे से फंदा कसा था और सिर से खून रिस रहा था। सूचना मिलते ही कमल सिंह और लक्ष्मी घर पहुंची। श्यामा देवी की सांसें चलती देख उन्हें मेडिकल कालेज ले जाया गया, लेकिन उपचार से पहले ही मौत हो गई। परिजनों की ईट से कुचल कर हत्याएं की गई।

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