रिश्वतखोर दरोगा सुरेश चाहर गिरफ्तार: हिरासत में छिपाया गया

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 24 मार्च। रिश्वतखोरी के आरोपी दारोगा सुरेश चाहर की गिरफ्तारी हो गई है उनकी पुलिस हिरासत में ही रात कटेगी। कोतवाली फतेहगढ़ पुलिस ने बीती रात एसपी के आदेश पर दरोगा सुरेश चाहर के विरुद्ध भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया। चर्चा है कि मुकदमा दर्ज होने की भनक लगते ही दरोगा सुरेश चाहर गायब हो गया पुलिस ने उसे ढूंढ कर पकड़ लिया और फतेहगढ़ कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया । आरोपी दारोगा सुरेश चाहर को मीडिया आदि से छुपा कर कोतवाली फतेहगढ़ आदि किसी स्थान पर रखा गया है। बताया जाता है कि आरोपी दरोगा प्रधान गीता देवी के पति सतेंद्र के ढाबे पर बैठता था। ढाबे पर ही इलाका पुलिस का अड्डा था पुलिस ढाबे पर अवैध वसूली करती थी वसूली के रुपए प्रधान के पति के पास रहते थे। दरोगा ने वसूले जाने वाले रुपए खाते में डलवाने के लिए अपने बेटे का यूपीआई नंबर दे दिया था।

दरोगा सुरेश चाहर बजरिया चौकी इंचार्ज पद पर भी तैनात रहा तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा ने उप निरीक्षक सुरेश चाहर को लाइन हाजिर किया था। भ्रष्टाचार के इस मामले में कोतवाली मोहम्मदाबाद के इंस्पेक्टर की भी भागीदारी बताई जाती है। इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला को बचाने के लिए प्रधान गीता देवी से दूसरी तहरीर लिखवाई गई। प्रधान गीता देवी के द्वारा लिखी गई दूसरी तहरीर में इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला की भी भागीदारी दर्शीयी गई। प्रधान गीता देवी के द्वारा एडीजी को की गई शिकायत में भी इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला को शामिल किया गया।
प्रधान गीता देवी ने शिकायती पत्र में एडीजी को अवगत कराया कि ग्राम समाज की जमीन पर दबंगों द्वारा जबरिया कब्जा किया जा रहा है।

जिसकी सूचना पूर्व में संम्बन्धित अधिकारियों जिलाधिकारी,अपर जिलाधिकारी, सीओ मोहम्दाबाद आदि अधिकारियों को दिनांक 14/05/2025 से 12/01/2025 तक लगातार की गई। सम्बन्धित अधिकारियों के द्वारा पूर्ण रूप से जांच के पश्चात् उचित कार्यवाही करने के आदेश पारित किये गये। (जिनकी प्रतियां संलग्न है) बावजूद इसके इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला थाना इंचार्ज मोहम्दाबाद के द्वारा किसी तरह की कानूनी सहायता नहीं की गई। बार-बार अनुरोध करने पर भी की समस्या जस की तस बनी रही। आपके संज्ञान में लाना चाहती हूं कि जब उक्त प्रकरण को प्रशासन के उच्च अधिकारियों तक ले जाने की बात इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला से की गई तो इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला द्वारा हल्का इंचार्ज सुरेश चाहर की ओर इशारा करते हुए कहा गया कि आप इनसे खर्चे-पानी की बात कर लीजिए,हम आपका काम कर देंगें।

इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला द्वारा हल्का इंचार्ज सुरेश चाहर के साथ मिलकर मुझसे से सुविधा शुल्क के नाम पर 75,000 रुपये नकद व 1,75,000 रुपये लेने का कुकृत्य किया गया। जिसमें हल्का इंचार्ज द्वारा अपने बेटे के खाते में रूपये लिए गये। (जिसकी प्रति संलग्न हैं) मेरे संज्ञान में यह भी आया है कि उक्त इंस्पेक्टर विनोद कुमार शुक्ला व हल्का इंचार्ज सुरेश चाहर विपक्षियों से मिलकर उन्हें अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह कार्य किया जा रहा है। यह कार्य न केवल भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है बल्कि अपने पद व प्रतिष्ठा का गलत तरीके से उपयोग कर कानून व्यवस्था और प्रशासन की निष्पक्षता की कार्यशैली पर भी प्रश्नचिह्न लगाता है। पीड़ित प्रधान ने एडीजी से फरियाद की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाई करने की कृपा करें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। एक चैनल ने आरोपी दरोगा को जेल जाने की भी जानकारी दी है।

कोतवाली फतेहगढ़ के प्रभारी निरीक्षक रणविजय सिंह ने आज शाम एफबीडी न्यूज़ को बताया कि आरोपी दारोगा सुरेश चाहर की अरेस्टिंग हो गई है उनकी कल अदालत में पेसी की जाएगी मुकदमे की जांच सीओ सिटी के द्वारा की जा रही है।

error: Content is protected !!