सवा करोड रुपए हड़पने वाले टॉकीज मालिक भल्ला व साथियों पर केस दर्ज

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 22 अप्रैल। नगर के दीपक एवं किरन सिनेमा की जमीन बेचने के नाम पर सवा करोड रुपए हड़पने वाले भला परिवार व उनके समर्थकों के विरुद्ध अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। कोतवाली फर्रुखाबाद पुलिस ने अदालत के आदेश पर दुष्यन्त प्रताप सिंह आयु लगभग 57 वर्ष पुत्र स्व ध्रुव पाल सिंह निवासी मोहल्ला व पोस्ट खरपरी, थाना कोतवाली मैनपुरी, जनपद मैनपुरी की ओर से दर्ज किए गए मुकदमें में अमित कुमार दीक्षित आयु लगभग 45 वर्ष पुत्र स्व प्रमोद कुमार दीक्षित, अमित कुमार का भाई नाम नामालुम आयु लगभग 40 वर्ष पुत्र स्व प्रमोद कुमार सिंह दीक्षित निवासीगण पीपल वाली गली छिबरामऊ, थाना छिबरामऊ, जिला कन्नौज।

राजीव भल्ला आयु लगभग 55 वर्ष पुत्र स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला निवासी फ्लेट नम्बर 413, प्लाट नम्बर एफ-28, विंडसोर, ग्रीन एपार्टमेन्ट-50, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर वर्तमान निवासी फ्लेट नम्बर 1202 ग्रान्ड अजनारा हेरीटेज सैक्टर 74, नोएडा गौतमबुद्ध नगर, आलोक कुमार उर्फ नीरज यादव आयु लगभग 40 पुत्र नवीन चन्द्र, निवासी मोहल्ला सरदार खां, थाना कोतवाली फर्रुखाबाद, आलोक कुमार मिश्रा आयु लगभग 35 वर्ष पुत्र सतीश चन्द्र मिश्रा निवासी सिलहा थाना नवाबगंज, जिला फर्रुखाबाद, हाल निवासी मोहल्ला कुचिया, थाना कोतवाली फर्रुखाबाद, जिला फर्रुखाबाद को आरोपी बनाया गया है। दुष्यंत प्रताप सिंह ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि प्रार्थी के द्वारा मोहल्ला नवाब न्यामत खां पश्चिम फर्रुखाबाद में भल्ला ब्रदर्स की सम्पत्तियां दीपक टाकीज गाटा संख्या 3520 एवं गाटा संख्या 3521 किरन टाकीज गाटा संख्या 3522 जो कि रिक्त भूखण्ड/प्लाट था।

मल्ला ब्रदर्स के मध्य आपसी सहमति से किए गए बटवारा पत्र दिनांक 02.11.1996 के अनुसार उक्त सम्पत्तियों में दीपक टाकीज स्व इन्द्रदेव मल्ला वर्तमान वारिसान पंकज मल्ला, किरन सिनेमा स्वामी स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला वर्तमान वारिसान श्रीमती नंदी भल्ला व राजीव भल्ला एवं गाटा संख्या 3522 में स्व किशनदेव भल्ला के वारिसान चांद मल्ला मालिक व काबिज घोषित हुए। अपंजीकृत मेमोरेण्डम ऑफ अण्डर स्टेडिंग, जो न्यायालय से स्वामित्व की घोषणा कराने के लिए स्व किशन देव भल्ला की पत्नी पुष्पा भल्ला व तत्कालीन समय में योगेन्द्र कुमार मल्ला के द्वारा न्यायालय सिविल जज जूनियर डिवीजन गुडगांव श्री कुनाल गर्ग के यहां सिविल वाद नंबर 47/2013-14 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 10.12.2014 को गाटा संख्या 3522 स्व चांद भल्ला, गाटा संख्या 3521 स्व योगेन्द्र मल्ला एवं गाटा संख्या 3520 के.डी. भल्ला के वारिसानो के हक में न्यायालय के द्वारा स्थायी आदेश पारित करते हुए यह आदेश पारित किया गया कि उक्त तीनो लोग एक-दूसरे के स्वामित्व वाले भाग में कोई हस्तक्षेप नहीं करेंगे।

स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला द्वारा अपने को एककिता स्वामी बताते हुए उक्त तीनो वर्णित सम्पत्तियों का सौदा वर्ष 2012 में अपंजीकृत विक्रयपत्र के आधार पर कर दिया गया व अग्रिम धनराशि लेने के साथ कुल धनराशि 1 करोड़ 16 लाख रुपये प्रार्थी से उसके बैंक खाते से अपने खाते में ले ली गई एवं स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला के द्वारा ली गई धनराशि से सम्बंधित सम्पत्ति को श्री अमित दीक्षित पुत्र प्रमोद कुमार दीक्षित, निवासी छिबरामऊ, जनपद कन्नौज को प्लाटों को वर्गीकृत कर विक्रय किया गया जिसकी जानकारी होने पर प्रार्थी ने कोतवाली फर्रुखाबाद में मुअसं 571/18 धारा 323,504,420,467,471,506 आईपीसी थाना कोतवाली फर्रुखाबाद बनाम् योगेन्द्र कुमार मल्ला, राजीव भल्ला, संजीव भल्ला, अमित कुमार दीक्षित, गुलशन कुमार के विरुद्ध दर्ज कराया, जिसमें इलाका पुलिस द्वारा न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की गई।

जिसके विरुद्ध अभियुक्तगणों ने माननीय उच्च न्यायालय में कार्यवाही की और माननीय उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश पारित कर दिया। इसी मध्य गवाह रवि प्रताप सिंह पुत्र रामऔतार सिंह, निवासी कमला टाकीज के सामने, मैनपुरी व जिवेडे पोहन दबे पुत्र स्व राजेन्द्र मोहन दबे निवासी छिबरामऊ कन्नौज के समक्ष राजीव भल्ला से प्रार्थी का सुलह-समझौता कराया गया, जिसमें यह तय हुआ कि प्रार्थी के द्वारा सिविल न्यायालय फतेहगढ़ के यहां दायर वाद संख्या 308/2016 एवं 309/2016 डीपी सिंह प्रति योगेन्द्र भल्ला आदि समाप्त कराया जाएगा व राजीव भल्ला के द्वारा प्रार्थी के सहयोग से आपराधिक मुकदमा उपरोक्त समाप्त कराया जाएगा। इस शर्त पर राजीव भल्ला ने उक्त गवाहानो के मध्य गाटा संख्या 3521 से प्रार्थी से ली गई धनराशि 1 करोड़ 16 लाख के बावत विक्रयपत्र उपनिबन्धक कार्यालय फर्रुखाबाद के यहां निष्पादित कराए और इन्हीं अनुबन्ध पत्रों के तहत विक्रय पत्र किए जाने के लिए वाद समाप्त होने तक का समय नियत किया गया।

शासन के द्वारा पूर्व में वर्ष 1998 में एक शासनादेश जारी किया गया था, जिसमें सिनेमा को तोड़कर उसके स्थान पर अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए शासन से अनापत्ति प्रमाण पत्र के साथ निर्माण के बिन्दु पर अनुमति लिया जाना अनिवार्य था, परन्तु स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला ने सिनेमा के उक्त शासनादेश की अवहेलना करते हुए सिनेमा को ध्वस्त करा दिया एवं प्लाटों की विक्री शुरू कर दी व नगर मजिस्ट्रेट फतेहगढ़ के यहा ले-आउट पास कराने का प्लान भी दाखिल किया जिस पर नियत प्राधिकारी के द्वारा प्लाटिंग पर रोक लगाते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त कराने का आदेश पारित किया गया जो मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।

वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश शासन के द्वारा शासनादेश संख्या 3099 दिनांक 22.11.2023 व शासनादेश संख्या 166 दिनांक 29.11.2023 में यह प्रावधान लागू किया गया कि राज्य सरकार से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने के बाद ही सिनेमा के भूखण्ड पर निर्माण के सम्बंध में कोई कार्य किए जा सकते हैं परन्तु स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला के वारिसान राजीव भल्ला ने राज्य सरकार से कोई अनापत्ति नहीं ली एवं प्लाटिंग करने का कार्य अपना जारी रखा। इसी प्रकरण में फर्रुखाबाद शहर के कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों के द्वारा भी उक्त सम्पत्तियों का सौदा जो सम्मिलात स्वामित्व की थी स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला से अपंजीकृत विलेख के आधार पर किया गया था एवं उनके द्वारा भी अपनी धनराशि वसूलने की कार्यवाहियां सिविल न्यायालय फतेहगढ़ में की गई हैं।

दिनांक 26.03.2026 को प्रार्थी को ज्ञात हुआ कि श्रीमती रोमिला भल्ला व राजीव अल्ला अमित दीक्षित के हक में एवं उनके द्वारा सौदा किए गए ग्राहकों के हित में विक्रय पत्र जैहसील सदर फर्रुखाबाद के कार्यालय में कराए जा रहे हैं, जिसमें प्रार्थी को किए गए कृत अनुबन्ध पत्रों से सम्बंधित भी सम्पत्तियां विकीत की जा रहीं है। प्राथर्थी तत्काल तहसील पहुंचा व अपनी आपत्ति प्रस्तुत करने का प्रयास किया, परन्तु अवकाश होने के कारण उसकी आपत्ति दाखिल नहीं हो सकी। इसी मध्य प्रार्थी के साथ आए रवि प्रताप सिंह को अमित दीक्षित ने उनके मोबाइल पर फोन किया कि रेस्टोरेन्ट मोती महल स्थित ठंडी सडक आ जाओ हम लोग वार्ता कर लेते हैं, आपसी सहमति से प्रकरण का निराकरण कर लेंगें।

प्रार्थी उसी दिन समय करीब 4 बजे शाम उक्त रवि प्रताप के साथ रेस्टोरेन्ट पर पहुंचा तो वहां पर अमित कुमार दीक्षित पुत्र स्व प्रमोद कुमार दीक्षित व उसका भाई निवासी पीपल वाली गली छिबरामऊ, थाना छिबरामऊ, जिला कन्नौज एवं राजीव भल्ला पुत्र स्व योगेन्द्र कुमार भल्ला निवासी फ्लेट नम्बर 413, प्लाट नम्बर एफ-28, बिंडसोर, ग्रीन एपार्टमेन्ट-50, नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, वर्तमान निवासी फ्लेट नम्बर 1202 ग्रान्ड अजनारा हेरीटेज सैक्टर 74, नोएडा गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश व उनके साथ आलोक कुमार उर्फ नीरज यादव पुत्र नवीन चन्द्र, निवासी मोहल्ला सरदार खां, थाना कोतवाली फर्रुखाबाद, जनपद फर्रुखाबाद व आलोक कुमार मिश्रा पुत्र सतीश चन्द्र मिश्रा निवासी सिलहा थाना नवाबगंज, जिला फर्रुखाबाद, हाल निवासी मोहल्ला कुंचिया, थाना कोतवाली फर्रुखाबाद, जिला फर्रुखाबाद मौजूद थे।

उक्त लोगों ने प्रार्थी से कहा कि जो इकरारनामा तुम्हारे हक में किया गया है वह सम्पत्ति हम किसी अन्य को बेंच रहे हैं, तुम्हे गाटा संख्या 3520 जिसका स्वामित्व अधिकार राजीव भल्ला का नहीं है, उसमें विक्रय पत्र निष्पादित कर देंगे। प्रार्थी ने इसका विरोध किया, जिस पर उक्त लोगों ने एकराय होकर प्रार्थी को लात-घूंसों व थप्पड़ों से मारना-पीटना शुरू कर दिया। उक्त रवि ने जब बचाने का प्रयास किया तो उसे भी मारापीटा। प्रार्थी के शोर पर राहगीर संजय प्रताप सिंह, अंकुर श्रीवास्तव व बृजेश परिहार निवासी मैनपुरी आदि कई लोग भागकर अंदर आए और उक्त लोगों को ललकारा। उक्त लोगों ने कहा कि इसको पहले भी पीट चुके हैं, हमारे खिलाफ कुछ नहीं हुआ, आज इसके हाथ-पैर तोड़ दो।

उक्त लोगों ने प्रार्थी को यह धमकी देते हुए छोड़ दिया कि जगह भूल जा, नहीं तो तू व तेरा परिवार जान से हाथ धो बैठेगा। प्रार्थी भयभीत था, जैसे-तैसे उक्त लोगों के चंगुल से छूटकर अपने घर मैनपुरी चला गया। उक्त राजीव भल्ला पूर्व में भी गाटा संख्या 3522 डालकर अमित कुमार व उनके भाई के हक में विक्रयपत्र योगेन्द्र कुमार भल्ला अपने जीवनकाल में विक्रयपत्र संख्या 3093 दिनांक 24.04.2017 एवं 3088 दिनाक 24.04.2017 विक्रय पत्र संख्या 3087 दिनाक 24.04.2017 का करा चुके हैं. जिनका मुकदमा सिविल न्यायालय में विचाराधीन है। उक्त लोग फर्जी रूप से भूमि हथियाने के लिए विक्रय पत्र अन्य सम्पत्तियों के भी कराते रहते हैं व अपनी दबंगई के प्रभाव में डरा धमकाकर कब्जा कर लेते हैं।

इनको शहर के एक प्रभावशाली नेता का, जो एक सम्पत्ति से जुड़े हुए हैं. संरक्षण प्राप्त है। ऐसी स्थिति में उक्त लोग प्रार्थी की सम्पत्ति एवं प्रार्थी की धनराशि को पुनः षडयंत्र व जालसाजी एवं फर्जी तरीके से हड़पने हेतु प्रयासरत हैं। प्रार्थी ने घटना के सम्बन्ध में थाना कोतवाली फर्रुखाबाद में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया लेकिन जमीनी मामला होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं हुयी। चर्चित मुकदमें की जांच रेलवे रोड चौकी इंचार्ज कल्पेश चौधरी को सौंपी गई है।

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