फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 24 जून। लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि का बैनामा न करने वाले कोटेदार का अनुबंध पत्र निरस्त कर दिए जाने पर किसान यूनियन के नेताओं में हड़कंप मच गया। प्रशासन ने कोटेदार पर दबाव बनाने के लिए उसकी राशन की दुकान पर प्रहार किया है। आज किसानयूनियनों के प्रतिनिधि मंडल ने जिलाधिकारी को एक मांग पत्र व प्रार्थना पत्र सौंपा है। जिसमें कहा गया ग्राम पंचायत गुतासी निवासी अरविंद गंगवार इसी गांव में व 34 वर्षों से कोटेदार है।
वह किसान यूनियन में जिला संगठन मंत्री भी है उनकी लिंक एक्सप्रेस-वे में जिला प्रशासन जबरदस्ती जमीन लेना चाहता है जिसके लिए विगत कई दिनों से कोटेदार को प्रशासन के अधिकारियों द्वारा धमकाया जा रहा था कि या तो लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए जमीन दो, नही तो आपका कोटा निरस्त कर दिया जाएगा। जिसकी शिकायत 29 मई अमृतपुर तहसील में किसानों द्वारा किए गए धरना प्रदर्शन में अपर जिलाधिकारी अरुण कुमार सिंह से की गई थी। जिस पर उन्होंने कहा था कि किसी भी किसान को धमकाकर या फिर परेशान करके जमीन नहीं ली जाएगी। परंतु कल 23 जून को जिला पूर्ति अधिकारी ने फोन करके अरविंद गंगवार को बुलाया और उनसे कहा कि आपकी शिकायत की गई है जिस पर आपका कोटा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
जब अरविंद गंगवार ने पूर्ति निरीक्षक से शिकायतों की लिखित कॉपी मांगी तो अधिकारियों ने देने से मना कर उनको एसडीम सदर गजराज सिंह यादव के द्वारा कोटे को निलंबित करने के आदेश की कॉपी सौंप दी। उन्होंने कहा कि लिंक एक्सप्रेस-वे में बैनामा कर दो या फिर कोटे को निलंबित ही रखा जाएगा कोई भी ताकत लगा लो इसको कोई भी बहाल नहीं करा सकता।
मालूम हो कि बीते दिनों अपर जिलाधिकारी ने ग्राम गुतासी जाकर कोटेदार अरविंद गंगवार आदि परिजनों को एक्सप्रेस-वे के लिए भूमिका बैनामा करने के लिए समझाया था। लेकिन अरविंद गंगवार ने यूनियन नेताओं के दबाव में अधिकारी की बात पर कोई ध्यान नहीं दिया। अरविंद के पारिवारीजनों सहित उसके समर्थकों के करीब डेढ़ दर्जन बैनामे नहीं हो रहे हैं। बताया जाता है कि क्षेत्रीय लेखपाल सुभाष चंद्र भी एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों के बैनामा कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। वही ड्यूटी के नाम पर खानापूर्ति करने में मस्त है।

