फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 9 अगस्त। शातिर अपराधी रज्जू उर्फ़ खालिद के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले सुधीर दिवाकर ने जिलाधिकारी से अबैध ब्लू हैवेन रेस्टोरेंट एवं होटल को ध्वस्त किए जाने की फरियाद की है। कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला सिविल लाइन मढैया निवासी सुधीर कुमार दिवाकर ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि वाद संख्या 1074/2022 सरकार बनाम खालिद उर्फ रज्जू मामले में तत्कालीन नियत प्राधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद द्वारा दिनांक 01.06.2023 को ब्लू हैवन होटल गिराये जाने के सम्बन्ध में आदेश पारित किया था। उक्त ब्लू हैवन होटल गिराये जाने के संबंध में पारित आदेश 01.06.2023 की सूचना दैनिक अखबार में दिनांक 27.06.2023 को प्रकाशत हुई थी। उक्त आदेश की जानकारी खालिद उर्फ रज्जू खां को अखबार में प्रकाशित खबर की सूचना लोगों के माध्यम से दिनांक 28.06.2023 को हुई। 
उक्त आदेश 01.06.2023 को रिकॉल करने हेतु प्रार्थना पत्र खालिद उर्फ रज्जू खाँ द्वारा दिनांक 28.06.2023 को दिया गया। इस दौरान माह जून 2023 में ही ‘तत्काल नियत प्राधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट श्रीमती दीपाली भार्गव का स्थानान्तरण आदेश शासन से प्राप्त है। गये तथा उनके द्वारा स्थानान्त्रण पर दिनांक 03.07.2025 को चार्ज हैण्डओवर कर फर्रुखाबाद से स्थानान्तरित हो गई। दिनांक 03.07.2023 से पर्व वह अवकाश पर अपने घर कानपुर नगर चली गयी थीं। नियत प्राधिकारी कार्यालय के लिपिक विदुरपाल सिंह ने खालिद उर्फ रज्जू खाँ से सांठगांठ कर उक्त पुर्नस्थापन प्रार्थना पत्र दिनांकित 28.06.2023 पर बैंक डेट में दिनांक 26.06.2023 को आदेश दिनांकित 01.06.2023 रिकॉल करा लिया। जिसकी शिकायत प्रार्थी द्वारा की गई। 
खालिद उर्फ रज्जू रखीं द्वारा दिनांक 28.06.2023 को दिये गये प्रार्थना पत्र के द्वितीय पेज में प्रार्थना व दिनांक व प्रार्थी के भाग को किसी कैमिकल के द्वारा मिटाया गया तथा 28 के स्थान पर 20 तारीख ओवर राइटिंग कर की गई है तथा एक प्रकरण के सम्बन्ध में दो-टो प्रार्थना पत्र पत्रावली में संलग्न हैं तथा दोनों पर अंकित पृष्ठांकन आदेश भिन्न-भिन्न हैं। एक प्रार्थना पत्र जिसमें 28.06.2023 तारीख अंकित है उस पर पृष्ठांकन आदेश पत्रावली के साथ प्रस्तुत हो तथा हस्ताक्षर के नीचे दिनांक 20.06.2023 अंकित की गयी, जबकि दूसरा प्रार्थना पत्र पर 20.06.2023 तारीख अंकित है जिसमें पुष्ठांकन आदेश के. ओ.एफ. का है तथा खालिद उर्फ रज्जू खाँ के अधिवक्ता द्वारा मुआयना व नकल सवाल दिनांक 28.06.2023 को दिया गया तथा जल्दबाजी में उसी प्रार्थना पत्र पर 20.06.2023 के पृष्ठांकन आदेश कर दिया गया।

पत्रावली में 26.06.2023 को रिकॉल आदेश भी पारित कर दिया गया, जबकि खालिद उर्फ रज्जू खाँ की ओर से पुर्नस्थापन प्रार्थना पत्र 28.06.2023 को दिया जाना पूर्णतया स्पष्ट है। जिससे सिद्ध होता है कि अच्छी धनराशि लेकर तत्कालीन लिपिक विदुर पाल द्वारा खालिद उर्फ रज्जू खाँ व पूर्व नियत प्राधिकारी/नंगर मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव से सांठगांठ कर पिछली तारीख में अवैध आदेश पारित कराया गया है। उ०प्र०आर०बी०ओ० एक्ट में एक बार आदेश पारित होने के बाद उसे रिकॉल किये जाने का प्रावधान नहीं है। केवल प्रश्नगत आदेश के विरुद्ध मात्र अपील ही संस्थित की जा सकती है। उपरोक्त कारणों के आधार पर तत्कालीन नियत प्राधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव द्वारा पारित आदेश दिनांक 26.06.2023 अवैध व शून्य आदेश है। जिसे निरस्त कर उ०प्र०आर०बी०ओ० एक्ट के नियमों के विपरीत बना ब्लू हैवन होटल ध्वस्त किया जाना आवश्यक है।
आवासीय भवन का निर्माण कराने के लिए नक्शा बनवाया गया है, लेकिन इसके विपरीत व्यवसायिक भवन का निर्माण करा दिया गया है। जिसे तत्कालीन सिटी मजिस्ट्रेट दीपाली भार्गव ने भवन का निर्माण अनाधिकृत घोषित करते हुए ब्लू हैवन रेस्टोरेंट का ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया था। यह कि निर्णय दिनांक 01.06.2023 वाद संख्या-1074 सन 2022 सरकार प्रति रज्जू उर्फ खालिद में गुण दोष के आधार पर पारित किया गया है। उक्त आदेश के विरुद्ध पुर्नस्थापन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने का कोई अधिकार रज्जू उर्फ खालिद को नहीं है और न ही आर०वी०ओ० एक्ट 1958 में कोई भी प्राविधान पुर्नस्थापन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने का ही है।
न्यायालय द्वारा स्वयं वाद संख्या-618/2017 सरकार बनाम महेंद्र सिंह कटियार में दिनांक 13.12.2024 को आदेश करके स्पष्ट किया जा चुका है कि नियत प्राधिकारी को स्वयं के आदेश पर पुर्नविचार का अधिकार प्राप्त नहीं है। मा० उच्च न्यायालय इलाहाबाद में प्रेषित मिस रिट याचिका संख्या-5761/2024 बृजमोहन तवर बनाम उ०प्र० राज्य में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 13.03.2024 में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि मौके पर स्वीकृत मानचित्र में अधिक या विवादित निर्माण न हो तथा शमन के प्रकरणों में भी भवन निर्माण और विकास उप विधि के अंतर्गत निर्धारित मानकों को शिथिल नहीं किया जाना चाहिए।
ऐसे निर्माण को भवन निर्माण एवं विकास उप विधि संगत नियमों, शासनादेशों एवं नियमावलियों तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उपरोक्त आदेश के आलोक नियमानुसार धारा-10 यू.पी.आर.वी.ओ. एक्ट में कार्यवाही कर अवैध निर्माण ध्वस्त किया जाना चाहिए। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी कन्टेम्पट पिटीशन (सी) नम्बर 595/2025 सी.ए. नंबर 14604/2024 विमलेश प्रधान बनाम उडीसा राज्य में पारित आदेश दिनांक 09.04.2026 के पैरा 4 एवं 5 में स्पष्ट निर्देश दिया है यदि उप विधि में अवैधानिक नक्शा के विरुद्ध निर्मित भवन के शमन किये जाने का प्राविधान नहीं है, तो उक्त निर्माण को नोटिस देकर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जानी चाहिए। माननीय उच्च न्यायालय व माननीय सर्वोच्च न्यायालय की उपरोक्त उद्धरण की छायाप्रति संलग्न है। साक्षी कागज की छायाप्रतियां संलग्न है।
प्रार्थी द्वारा अपर जिलाधिकारी फर्रुखाबाद को प्रार्थना पत्र दिया। दिनांक 23.06.2026 को अपर जिलाधिकारी द्वारा ओदेश कर नगर मजिस्ट्रेट से आदेश का अनुपालन कर आख्या तलब की गयी। प्रार्थी सिटी मजिस्ट्रेट से मुलाकात करने हेतु गया, जहां पर पहले से ही गैंगस्टर रज्जू उर्फ खालिद का मामा का लड़का आमिर सिंटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में बाबू से सांठगांठ करके प्रार्थना पत्र की छायाप्रति प्राप्त कर ली और मोबाइल से फोटो खींच रहा था। प्रार्थी के पहुंचने पर बाबू अमन द्वारा उससे कहा गया कि आप जाओ बाद में आपको पूरी बात बता देंगे। नहीं तो आप के होटल पर शाम को खाना खाने आयेंगे, तब हम बता देंगे।
दूसरे बाबू का प्रार्थी के पास मोबाइल नंबर-8960208626 से फोन करके दिनांक 24.06.2026 को कहा गया कि गैंगस्टर रज्जू खां से समझौता कर लो। नहीं तो यहां सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से कोई कार्यवाही नहीं होने देंगे। इसके अलावा एक अन्य बाबू भी रज्जू उर्फ खालिद से मिला हुआ है। ऐसी स्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से प्रार्थी को न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। उपरोक्त बाबुओं के विरुद्ध जांच कराकर कानूनी कार्यवाही किया जाना आवश्यक है। । अतः प्रार्थना है कि तत्कालीन नियत प्राधिकारी/नगर मजिस्ट्रेट श्रीमती दीपाली भार्गव द्वारा पारित अवैध व शून्य आदेश दिनांकित 26.06.2023 निरस्त कर दिनांक 01.06.2023 को पारित आदेश का अनुपालन कराये जाने हेतु अधिशाषी अधिकारी नगर पालिका परिषद फर्रुखाबाद को ब्लू हैवन होटल भवनं को ध्वस्तीकरण करने के लिए आदेशित करने की कृपा करें।

