फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 12 अगस्त। जिले में प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए हजारों हेक्टेयर बहुफसली, सिंचित एवं उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव को लेकर किसान नेता अशोक कटियार एडवोकेट ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दरबार में पेश होकर योजना पर पुनर्विचार करने की मांग की है। अशोक कटियार द्वारा दिए गए पत्र में सीएम को अवगत कराया गया कि औद्योगिक गलियारा परियोजना के लिए जिस बड़े क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है, उसमें बहुफसली, सिंचित, उपजाऊ तथा बाग-बगीचों वाली कृषि भूमि भी शामिल है। ऐसी भूमि किसानों की आजीविका के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि बहुफसली एवं अत्यधिक उपजाऊ कृषि भूमि को औद्योगिक परियोजना के लिए अधिग्रहित करने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त किया जाए तथा परियोजना के लिए असिंचित, बंजर, अनुपजाऊ अथवा कम उपजाऊ भूमि को चिह्नित कर वैकल्पिक स्थान पर योजना विकसित की जाए।
भूमि अधिग्रहण कानून के पालन की मांग
किसान नेता ने पत्र में भूमि अर्जन, पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के प्रावधानों का पूरी तरह पालन कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि किसानों की सहमति, उनके वैधानिक अधिकारों, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के प्रावधानों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
पत्र में यह भी मांग की गई है कि बहुफसली एवं उपजाऊ भूमि को चिन्हित कर किसानों को मानसिक रूप से परेशान करने वाले अधिकारियों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा भविष्य में ऐसी कार्रवाई की पुनरावृत्ति रोकी जाए।
किसानों के हित में उठाए गए प्रमुख मुद्दे
अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि 4,500 हेक्टेयर बहुफसली एवं उपजाऊ कृषि भूमि के अधिग्रहण प्रस्ताव पर
पुनर्विचार किया जाए।
औद्योगिक परियोजना के लिए बंजर, असिंचित अथवा कम उपजाऊ भूमि को प्राथमिकता दी जाए।
भूमि अधिग्रहण अधिनियम-2013 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
निर्धारित उद्देश्य के लिए भूमि का उपयोग न होने की स्थिति में किसानों के हितों की रक्षा की जाए।
किसानों के पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन के वैधानिक अधिकार सुरक्षित रखे जाएं।
अशोक कटियार ने कहा कि फर्रुखाबाद आलू उत्पादन के लिए प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। कृषि भूमि को बचाते हुए यदि औद्योगिक विकास की योजना बनाई जाती है तो इससे किसानों की आजीविका और जिले के औद्योगिक विकास दोनों के हित सुरक्षित किए जा सकते हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित, खाद्य सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए फर्रुखाबाद की प्रस्तावित औद्योगिक गलियारा योजना पर पुनर्विचार कर उपजाऊ कृषि भूमि को बचाने की दिशा में सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।

