फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 5 अगस्त। जिले के किसान एवं व्यापारियों ने मुख्यमंत्री से आलू किसानों को राहत पैकेज दिए जाने की मांग की है। अधिवक्ता अशोक कटियार ने सामूहिक रूप से भेजे गए पत्र में मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि हम उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादक किसान, विशेष रूप से जनपद फर्रुखाबाद, कन्नौज, मैनपुरी, इटावा, आगरा, अलीगढ़, हाथरस तथा अन्य आलू उत्पादक जिलों के किसानों की ओर से यह ज्ञापन प्रस्तुत कर रहे हैं। वर्तमान समय में आलू की भरपूर पैदावार होने के बावजूद किसानों को लागत से भी कम मूल्य मिल रहा है। कोल्ड स्टोरेज किराया, बीज, खाद, कीटनाशक, मजदूरी, बिजली तथा परिवहन लागत लगातार बढ़ने से किसान भारी आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ में दबता जा रहा है। फर्रुखाबाद जैसे प्रमुख आलू उत्पादक जिले में भी किसानों को स्थायी विपणन व्यवस्था और प्रसंस्करण उद्योग का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हमारी निम्नलिखित प्रमुख मांगें तत्काल स्वीकार की जायें
1.आलू का लाभकारी मूल्य एवं सरकारी खरीद
आलू के लिए लागत (C2) + 50% लाभ के आधार पर राज्य स्तरीय लाभकारी मूल्य घोषित किया जाए। अत्यधिक गिरावट की स्थिति में राज्य सरकार द्वारा सीमित अवधि के लिए आलू खरीद केंद्र स्थापित किए जाएँ।मंडी में न्यूनतम मूल्य से नीचे खरीद होने पर हस्तक्षेप तंत्र बनाया जाए। मेरे नेत्रत्व मे 7 व 8 अप्रैल को सातनपुर मंडी से आलू किसान बचाव यात्रा जनभवन लखनऊ तक निकाली गई। महामहिम राज्यपाल व मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद केंद्र सरकार ने 22 लाख मैट्रिक टन 650.09 रुपया प्रति कुंटल की दर से निर्धारित किया गया आलू मंडी सातनपुर फर्रूखाबाद ने उधान निदेशक ने खरीद केंद्र भी खोला बैठक, पत्राचार, होटल, टीए डीए मे लाखों रुपया खर्च हुआ, लेकिन किसानों का एक किलो भी आलू नहीं खरीदा गया। आलू किसानों की आए दुगनी करना तो दूर लागत भी नहीं निकल पा रही है।
2.फर्रुखाबाद में आलू आधारित मेगा प्रोसेसिंग पार्क
फर्रुखाबाद में Potato Processing & Food Park स्थापित किया जाए।चिप्स, फ्रेंच फ्राइज, फ्लेक्स, स्टार्च, ग्लूकोज, डिहाइड्रेटेड आलू, एथेनॉल/औद्योगिक उपयोग तथा अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के उद्योग लगाए जाएँ।स्थानीय किसानों से अनुबंध आधारित खरीद की व्यवस्था हो ताकि बाजार की स्थायी मांग बने। प्रदेश सरकार उद्योग स्थापना है। उत्तर प्रदेश शासन के उपसचिव हरी लाल सिंह द्वारा मेरे अनुरोध पर आयुक्त एवं निदेशक उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय कानपुर को पत्र लिखकर आलू से वोदका एवं अन्य उत्पाद बनाने की तकनीकी रूस,चीन,पोलैंड से मंगाकर फर्रुखाबाद मे आलू आधारित उद्योग स्थापित कराने के निर्देश दिये थे लेकिन अभी तक कोई परिणाम नहीं निकला है।
3.कोल्ड स्टोरेज सुधार एवं राहत कोल्ड स्टोरेज
किराये की अधिकतम सीमा निर्धारित की जाए। बिजली दरों में विशेष कृषि उपज भंडारण रियायत दी जाए। भंडारित आलू पर ब्याज सहायता एवं वेयरहाउस रसीद आधारित आसान ऋण उपलब्ध कराया जाए। खराब होने वाले आलू के लिए बीमा/क्षतिपूर्ति योजना लागू की जाए।
4.आलू किसानों को हरियाणा व महाराष्ट्र की भांति भावांतर भरपाई योजना लागू कर राहत प्रदान की जाये।
5.राशन दुकानों के माध्यम से प्रति कार्ड 50 किलो आलू प्रति माह वितरित कराया जाये तथा मिडडे मील, कारागारों, सरकारी भोजनालय आदि मे आलू का उपयोग वरीयता से किया जाये।
6.निर्यात प्रोत्साहन
आलू निर्यात हेतु गुणवत्ता परीक्षण, पैक-हाउस, ग्रेडिंग और कोल्ड-चेन अवसंरचना विकसित की जाए।फर्रुखाबाद, आगरा और कन्नौज क्षेत्र को Potato Export Cluster घोषित किया जाए।निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को परिवहन व लॉजिस्टिक सहायता दी जाए। परिवहन अनुदान मे समुचित वृद्धि कर व्यावहारिक बनाया जाये।
5. मंडी व्यवस्था में पारदर्शिता
सभी आलू मंडियों में खुली बोली (Open Auction) अनिवार्य की जाए। ई-नीलामी एवं डिजिटल रेट डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएँ।अवैध कटौती, दलाली और अपारदर्शी खरीद पर कठोर कार्रवाई की जाए। किसानों के लिए मंडी में विश्राम, पेयजल, शौचालय और शिकायत निवारण केंद्र स्थापित किए जाएँ.
6. बीज एवं तकनीकी सहायता
उच्च गुणवत्ता वाले प्रमाणित बीज पर 50% तक अनुदान दिया जाए।चिप्सोना, प्रोसेसिंग एवं निर्यात योग्य किस्मों के लिए विशेष प्रोत्साहन योजना चलाई जाए।CPRI एवं कृषि विश्वविद्यालयों के सहयोग से जिलेवार तकनीकी केंद्र स्थापित किए जाएँ।
7. किसान राहत पैकेज
वर्तमान मूल्य संकट से प्रभावित आलू किसानों के लिए विशेष राहत पैकेज घोषित किया जाए।फसल ऋण पर ब्याज माफी/ब्याज अनुदान दिया जाए।छोटे एवं सीमांत आलू किसानों को प्रति एकड़ प्रत्यक्ष सहायता प्रदान की जाए।
8. जिला स्तरीय आलू विकास प्राधिकरण
फर्रुखाबाद में आलू विकास एवं विपणन प्राधिकरण गठित किया जाए। किसानों, वैज्ञानिकों, उद्योग प्रतिनिधियों, शीत गृह मालिकों और प्रशासन की संयुक्त समिति प्रत्येक माह मूल्य, भंडारण और विपणन की समीक्षा करे।
9. समयबद्ध कार्यवाही की मांग
हम निवेदन करते हैं कि आलू किसान इस समय गहरे संकट मे है तत्काल उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर निर्णय लिया जाये।
ज्ञापन पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, आलू उत्पादक अरविन्द राजपूत, आकाश कटियार, अशोक कटियार, लालू यादव (जिलाध्यक्ष किसान आंदोलन) अभिनंदन गंगवार, रिंकू वर्मा, प्रभात कटियार, राजवीर कठेरिया, देवेश चतुर्वेदी, प्रमोद गंगवार, गुड्डू शाक्य, सुरजीत कटियार,नीरज पाल, राजेन्द्र पाल, सत्यपाल, वीके गंगवार (जिला प्रभारी किसान आंदोलन) ने हस्ताक्षर किए हैं।

