फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) कृषि विभाग के उपनिदेशक ने फसल बीमा का फर्जीवाडा करने वालों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने अमृतपुर थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में पुलिस को अवगत कराया है कि जनपद में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत रबी वर्ष 2024-25 में चकबन्दी के अन्तर्गत आने वाले ग्राम बलीपट्टी रानीगव में कुल 15 कृषकों की फसल को हुई क्षति के सापेक्ष दिये गये फसल बीमा क्लेम की धनराशि 2515048.00 रु एवं ग्राम पंचायत गुडेरा में कुल 07 कृषको को धनराशि 1837825.00 रुपये का भुगतान किया गया है। परीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया भुगतान की गयी धनराशि में अनियमितता परिलक्षित हुई थी। 
जिसके दृष्टिगत जाँच करने हेतु जिलाधिकारी के आदेश 12.09.2025 द्वारा तहसीलवार टीम गठित करते हुए, सम्बन्धित तहसील के किसानों को भुगतान किये गये फसल बीमा क्लेम की जाँच कर आख्या उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया था। सहायक चकबन्दी अधिकारी द्वारा अपने चकबन्दी से सम्बन्धित गाँव में वितरित फसल बीमा क्लेम के सम्बन्ध में अपनी जाँच आख्या प्रस्तुत की गयी। जाँच आख्या के क्रम में बन्दोवस्त अधिकारी चकबन्दी, फर्रुखाबाद द्वारा अपनी आख्या प्रस्तुत की गयी।
तहसील स्त तहसील स्तर पर गठित जच समिति द्वारा प्रस्तुत जच आख्या, बन्दोवस्त अधिकारी चकबन्दी, फर्रुखाबाद द्वारा प्रस्तुत आख्या एवं फसल बीमा कम्पनी एचडीएफसी एरगो, जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी लि द्वारा फसल बीमा क्लेम के रूप में उपलब्ध करायी गयी धनराशि सम्बन्धित प्रपत्रों के परीक्षण करने पर पाया गया कि ऐसे किसानों को भी क्षतिपूर्ति दी गयी है।
जिनके पास सम्बन्धित राजस्व गांव में जमीन उपलब्ध नहीं है। जबकि फसल बीमा योजना के अन्तर्गत यह प्रावधान है कि फसल बीमा कराने वाले व्यक्ति के पास जमीन उस राजस्व ग्राम में उपलब्ध हो एंव उसकी फसल को प्राकृतिक आपदा से क्षति हुई हो। इस प्रकार योजना के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए अपात्र किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिया गया। जांच में पाया गया कि चकबन्दी के अधीन ग्राम पंचायत बलीपट्टी रानीगाँव में कुल फसल बीमा क्लेम प्राप्त 15 कृषकों में से 14 के पास सम्बन्धित ग्राम में जमीन उपलब्ध नहीं है। शेष एक कृषक विश्राम के पास बलीपट्टी रानीगव में कुल 0.026 हे जमीन उपलब्ध है। इस प्रकार कुल 14 कृषकों को दिया गया फसल बीमा क्लेम की धनराशि रूपये 2489332.00 फसल बीमा योजना के प्रावधानों का उल्लंघन करके दी गयी है।
शेष एक कृषक विश्राम को कुल देय धनराशि 2228.72 रुपये के सापेक्ष रूपए 25716.00 धनराशि का भुगतान किया गया जो देय धनराशि से 23487.28 रुपये अधिक भुगतान किया गया। ग्राम पंचायत गुडेरा में कुल फसल बीमा क्लेम प्राप्त 07 कृषकों में से 07 के पास सम्बन्धित ग्राम में जमीन उपलब्ध नहीं है। इस प्रकार ग्राम पंचायत गुडेरा में कृषकों को धनराशि 1837825.00 रुपये का फसल बीमा योजना के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए भुगतान किया गया है। प्राप्त जांच आख्या के क्रम में सम्बन्धित शाखा प्रबन्धकों को जांच आख्या की प्रति उपलब्ध कराते हुए फसल बीमा से सम्बन्धित भू-अभिलेख एवं आख्या उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया।
शाखा प्रबन्धको द्वारा अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की गयी। सभी सम्बन्धित शाखा प्रबन्धकों के द्वारा अपनी आख्या में यह अवगत कराया गया है कि पोर्टल की धीमी गति व बार-बार लाग आउट होने के कारण निर्धारित समय में डाटा फीडिंग का कार्य बैंक कार्मिकों के माध्यम से सम्भव नहीं हो पाता। जिसके कारण शाखा स्तर पर कृषकों का विवरण तय समय सीमा के अन्तर्गत करवाने हेतु फसल बीमा कम्पनी के प्रतिनिधियों का सहयोग लिया गया है। जिसकी सूचना क्षेत्रीय कार्यालय को भी दी गयी है। तहसील स्तर पर गठित जाँच समिति द्वारा प्रस्तुत जच आख्या का परीक्षण करके उप संचालक चकबन्दी फर्रुखाबाद द्वारा प्रस्तुत जांच आख्या का परीक्षण करके उप संचालक चकबन्दी फर्रुखाबाद द्वारा उपलब्ध करायी गयी आख्या, सभी सम्बन्धित शाखा प्रबन्धकों के द्वारा उपलब्ध करायी गयी
आख्या एवं योजनान्तर्गत फसल बीमा कराने एवं बीमा क्लेम भुगतान की निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर प्रकरण में प्रथम दृष्टया फसल बीमा कम्पनी एचडीएफसी एरगो, जनरल इन्श्योरेन्स कम्पनी लि, भाण्डुप वेस्ट, मुम्बई के प्रतिनिधि श्री प्रवीन पाल, श्री विकास कुमार एवं श्री अरुण कुमार एवं बैंक आफ इण्डिया, शाखा-रजलामई, गनीपुर जोगपुर, आर्यावर्त बैंक शाखा गान्धी एवं अमृतपुर, स्टेट बैंक आफ इण्डिया शाखा-मदनपुर एवं यूनियन बैंक आफ इण्डिया, फर्रुखाबाद के शाखा प्रबन्धक एवं सम्बन्धित कर्मचारी के द्वारा मिलीभगत करके योजना के विपरीत अपने स्वार्थ में कार्य करते हुए फसल बीमा धन का दुर्विनियोग करते हुए वित्तीय अनियमितता कर अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए के लिए दोषी है।







