संस्कारों के लिए निकाली गई शोभायात्रा: आर्य समाज का कार्यक्रम

फर्रुखाबाद। (एफबीडी न्यूज़) मेला श्रीराम नगरिया में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा फर्रुखाबाद के तत्वावधान में संचालित वैदिक क्षेत्र चरित्र निर्माण शिविर से धर्म, संस्कृति एवं संस्कारों के प्रचार प्रसार के पावन उद्देश्य से एक भव्य अनुशासित एवं श्रद्धामय शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में आर्य समाज के विद्वान आचार्यगण, पदाधिकारी, महिला-पुरुष, युवा एवं बालक-बालिकाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहे। शोभायात्रा की सबसे प्रमुख विशेषता यह रही कि इसमें चलते हुए यज्ञ कुंड की दिव्य व्यवस्था की गई थी। यज्ञ कुंड में वेद मंत्रों के विधिपूर्वक उच्चारण के साथ श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से आहुतियाँ अर्पित की। यज्ञ में आहुतियाँ देकर श्रद्धालुओं ने ईश्वर से अपने, परिवार, समाज एवं राष्ट्र के लिए मंगलमय, सुखी, स्वस्थ एवं शांतिपूर्ण जीवन की कामना की।

इस अवसर पर आर्य समाज के विद्वान आचार्यों ने यज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ वैदिक जीवन पद्धति का मूल आधार है। जिससे न केवल आध्यात्मिक शुद्धि होती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, मानसिक शांति, सामाजिक सद्भाव एवं नैतिक उत्थान का मार्ग भी प्रशस्त होता है। शोभायात्रा में स्वामी दयानंद सरस्वती के विचारों, वेदों के संदेशों, सामाजिक सुधार, नारी सम्मान, शिक्षा, नशामुक्ति एवं कुरीतियों के उन्मूलन से संबंधित प्रेरणादायी झांकियाँ और संदेश पट्ट प्रस्तुत किए गए। वेद मंत्रों का मधुर उच्चारण, भजन-कीर्तन तथा वैदिक घोष के कारण सम्पूर्ण वातावरण धर्ममय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया।
शोभायात्रा मेला के प्रमुख मार्गों से होकर निकाली गई, यात्रा का नेतृत्व कर रहे आचार्य चंद्रदेव शास्त्री व स्वामी मेधानंद सरस्वती ने रथ पर आरुण होकर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया। मार्ग में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया।

अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुतियाँ अर्पित कर पुण्य लाभ अर्जित किया। यात्रा में गुरु विरजानंद गुरुकुल भोलेपुर के ब्रह्मचारियों ने आश्चर्यजनक शारीरिक प्रदर्शन कर सभी का मन मोहा, आगे के गोले से निकलना,माउथ फायर,बिछु चाल जैसे हैरतंगेज करतब दिखा कर ब्रह्मचारियों ने गुरुकुलीय शिक्षा का प्रदर्शन किया। यात्रा में निकट जनपदों के अतिरिक्त दिल्ली हरियाणा, मध्यप्रदेश उत्तराखंड व गोवा आदि प्रान्तों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।
शिविर के संचालक आचार्य चंद्रदेव शास्त्री ने बताया कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य समाज को वेदों के अनुसार संस्कारित जीवन जीने की प्रेरणा देना, अंधविश्वासों एवं सामाजिक बुराइयों से मुक्त करना तथा राष्ट्र निर्माण में नैतिक मूल्यों की स्थापना करना है।

समापन अवसर पर उन्होंने समस्त श्रद्धालुओं, कल्पवासियों एवं प्रशासन का सहयोग हेतु आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे वैदिक आयोजनों को निरंतर आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया। यात्रा का संचालन मुन्ना यादव एडवोकेट ने किया। कार्यक्रम में आज़ाद सिंह,शांतिलाल पटेल,आचार्य वेद प्रिय,करुणेश आर्य,प्रमोद कुमार यादव,हरि सिंह फौजी राजीव आर्य मुन्नालाल राठौर,प्रेमपाल आर्य,रमेश आर्य हरिशंकर उपाध्याय काशीराम आर्य, सीमा यादव,अमृता आर्या आदि मौजूद रहे।

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