सिपाही गौरव यादव का शव मिला: यमुना में लगाई थी छलांग

फर्रुखाबाद।(एफबीडी न्यूज़) फर्रुखाबाद घरेलू कलह के कारण पत्नी व बेटी पर जानलेवा हमला करने के बाद यमुना नदी में छलांग लगाने वाले सिपाही गौरव यादव का शव मिल गया है। सिपाही गौरव का शव जनपद बांदा की यमुना नदी में मिला है। मरका थानाध्यक्ष मिथिलेश सिंह ने मीडिया को बताया कि सोमवार को नाविकों ने असोधर यमुना पुल के निकट निकट शव को उतरते देखा। सूचना मिलने पर शव को नदी से बाहर निकलवाया गया शव की 35 वर्षीय सिपाही गौरव यादव के रूप में शिनाख्त हुई है। पुलिस ने पोस्टमार्टम करा कर गौरव यादव का शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन बीती रात करीब 3 बजे शव को लेकर ग्राम कुइयांबूट स्थित आवास पहुंचे। सुबह ही शव को दाह संस्कार के लिए पांचाल घाट ले जाया गया।

मालूम हो सिपाही गौरव यादव ने 14 जनवरी की रात कुल्हाड़ी से पत्नी व बेटी पर जानलेवा प्रहार किया था। थाना मऊदरवाजा की ग्राम पंचायत रानीगढ़ के मजरा नत्थू नगला के मूल निवासी सिपाही गौरव यादव इसी थाने के ग्राम कुइयांबूट जसमई दरवाजा के निकट परिजनों के साथ रहता था। उसके पिता अरविंद यादव करीब 1 वर्ष पूर्व ही जनपद कन्नौज से एडीओ पंचायत पद से सेवानिवृत्त हुए हैं गौरव के बड़े भाई सौरभ यादव उर्फ सोनू का विवाह हो चुका है वह प्राइवेट नौकरी करता है छोटा अविवाहित भाई राहुल पढ़ाई कर रहा है। अरविंद यादव करीब 2005 में पड़ोसी पुष्पेंद्र राजपूत के घर में करीब 3 साल तक किराए पर रहे। बेटे के कारनामों की जानकारी मिलते ही गौरव के परिजन सुबह ही मकान से चले गए। एकमात्र किराएदार भी शाम को मकान में ताला लगाकर पत्नी के साथ कहीं चला गया था।

सिपाही गौरव का 6 वर्ष पूर्व बाईपास स्थित ग्राम नगला खैरबंद आरपी पैलेस में विवाह हुआ था। वधू पक्ष के लोग लड़की को लेकर आए थे। जिसके कारण पड़ोसी लोगों को यह नहीं मालूम है कि गौरव की ससुराल कहां है। बताया जाता है की शिवनगर कॉलोनी निवासी सुरेश यादव गौरव के साडू है जिन्होंने ही गौरव की शादी कराई थी। गौरव का ससुर दरोगा बताया गया। सिपाही गौरव जनपद झांसी थाना मर्का के निकट ही पत्नी शिवानी वी 4 वर्षीय बेटी परी के साथ रहता था। मरका थाना कस्बे में 14 जनवरी की रात घरेलू कलह की वजह से जघन्य वारदात की गई। पत्नी से किसी बात को लेकर हुए झगड़े के बाद नाराज सिपाही गौरव ने अपनी पत्नी श्रीमती शिवानी एवं 4 साल की मासूम पुत्री पर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा हमले किये थे।

कुल्हाड़ी के हमले से बेटी व पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। मौके पर पहुंची पुलिस गंभीर घायल मां-बेटी को लेकर बांदा मेडिकल कॉलेज पहुंची। डॉक्टर ने मासूम परी को मृत घोषित कर दिया और प्राथमिक उपचार के बाद महिला को कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के बाद से फरार आरोपी सिपाही को तलाश किया जा रहा था है। तलाशी के दौरान सिपाही का मोबाइल कपड़े आदि सामान यमुना नदी के किनारे मिले थे। आशंका जताई जा रही थी कि सिपाही गौरव ने यमुना नदी में कूद कर जान दे दी है। सब की तलाश में एसडीआरएफ को लगाया गया था। क्षेत्राधिकारी बबेरु सौरभ सिंह ने मीडिया को बताया था कि मामला मर्का कि थाने से लगभग 300 मीटर की दूरी पर फर्रुखाबाद निवासी सिपाही गौरव यादव अपनी पत्नी शिवानी और बेटी परी (4) के साथ रहता था। गौरव डायल 112 पी आरवी 5468 तैनात था प्राथमिक जांच में सामने आया कि गौरव बुधवार दोपहर ड्यूटी के बाद घर पहुंचा था और फिर कस्बे में लगे मेले में पत्नी और बेटी को लेकर घूमने गया था।

मेले से लौटने के बाद घर में रात लगभग 9 बजे किसी बात को लेकर दोनों में झगड़ा हुआ। विवाद बढ़ने पर गौरव ने घर में मौजूद कुल्हाड़ी से पत्नी और बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया। पड़ोसियों ने जब चीख पुकार सुनी तो मौके पर पहुंचे, इसी बीच गौरव मौके से फरार हो गया था। अपर पुलिस अधीक्षक मेविश टाक ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर घटना की जानकारी ली थी। उन्होंने हत्यारे सिपाही को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए थे।

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