फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 14 मार्च। थाना मऊ दरवाजा के ग्राम सरैया क्षेत्र में नाला बघार के कई हरे पेड़ अवैध रूप से काटे गए हैं। ग्राम पंचायत सरैया के प्रधान सनी ठाकुर ने बताया कि बीते दिन उनके क्षेत्र के नाला बघार के अनेकों हरे पेड़ अवैध रूप से काटे गए हैं। उन्होंने बताया की टिकुरियन नगला निवासी फौजी राजपूत ने अवैध रूप से काटे गए हरे वृक्षों का वीडियो बनाकर मुझे जानकारी दी। तब मैंने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की। वहां पेड़ काटने वाले मजदूर देवेंद्र व मजनू कटवाने वाले ठेकेदार प्रवेश व गब्बर की चर्चा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि ग्राम मदनापुर के यादव ने अपने खेत के सामने नाला बघार के पेड़ों को अपने बताकर अवैध रूप से बेचे है।
प्रधान सनी ठाकुर ने बताया कि मैं घटना की जानकारी रेंजर अनूप कुमार को दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब मैं फौजी राजपूत से वीडियो देने को कहा तो उन्होंने बताया कि मैंने वीडियो डिलीट कर दिया है। बताया गया कि अवैध रूप से काटी गई लकड़ी कर्बला रोड स्थित राजेंद्र चौहान की आरा मशीन पर ले जाती है। क्षेत्रीय वनरक्षक सिद्धार्थ दुबे ने एफबीडी न्यूज को बताया की सूचना मिलने पर मैं मौके पर गया तो लकड़ी काटने वाले भाग गए। मौके पर 5 नीम के पेड़ व एक जामुन के पेड़ की लकड़ी पड़ी थी। उन्होंने बीते दिन यह जानकारी देते हुए बताया कि मैं कल दरोगा जी को लेकर काटे गए पेड़ों की माप करने जाऊंगा। चीता द्वारा हमले किए जाने के बाद से पैर सही ढंग से काम नहीं कर पा रहा इसलिए घहरे नाला बघार में नहीं उतर सका।
उन्होंने बताया की पेड़ काटने वालों की जानकारी करके उनके ऊपर अवैध रूप से पेड़ काटने का जुर्माना किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मैं 1 साल में 3 लाख का जुर्माना जमा करवा चुका हूं। चीते के हमले के घायल होने के बाद विभाग द्वारा कोई मदद न किए जाने पर नाराजगी जताते हुए हुए आरोप लगाया कि पुलिस 30% कमीशन लेकर अवैध हरे वृक्षों को कटवाती है। इस मामले में पत्रकारों की भी सांठ गांठ रहती है। उन्होंने बताया की नाल बघार सिंचाई विभाग के अधीन है जिसके कारण हम काटी गई लकड़ी को जप्त नहीं कर सकते हैं। आज कार्रवाई के संबंध में वनरक्षक को फोन किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ध्रुव कुमार ने बताया कि यह मामला उनकी जानकारी में नहीं है। जानकारी कराकर काटी गई लकड़ी वन विभाग को सौंप देंगे।



