फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 12 जून। बलराम गैस एजेंसी के संचालक अभय गोस्वामी उर्फ बबलू की लूट के दौरान उनका रेप का कथित वीडियो भी बनाया गया। मैनपुरी के अलावा कोतवाली फतेहगढ़ पुलिस ने भी उनकी कोई मदद नहीं की। एसपी के आदेश पर दर्ज हुए केस की जांच के दौरान वारदात कराने वालों के चेहरे पर वेनकाब हो सकते हैं। बीती रात कोतवाली फतेहगढ़ पुलिस ने एसपी के आदेश पर कोतवाली फतेहगढ़ के मोहल्ला कसरट्टा चूड़ी वाली गली निवासी अभय गोस्वामी पुत्र स्व बृजनन्दन लाल की रिपोर्ट दर्ज की है। दर्ज कराई रिपोर्ट में अभय ने कहा है कि प्रार्थी का विवाद अजय पाल उर्फ राजन उर्फ गुर्जर व नीरज कश्यप उर्फ राजू से (बलराम जी गैस एजेन्सी फतेहगढ़) से चल रहा है। एक दिन राजू सिहं (जय मां ट्रान्सपोर्ट मसेनी) मेरे यहां आये किसी काम से।
बोले अपना मोबाइल देना मेरे मोबाइल की बैट्री समाप्त हो गयी है एक काल करवा दो। मैंने अपना मोबाइल उसे दे दिया उसने मेरे फोन से जो भी बात करी मुझे पता नहीं। अगले दिन मेरे मोबाइल पर फोन आना शुरु हो गये। जब हमने नम्वर ब्लाक कर दिया तो नये नम्वरसे आना शुरु हो गया जो कि शिवानी नाम से था। कुछ दिन बाद फिर एक नये नम्वर कोमल नाम का आना शुरु हो गया। मैंने इनसे आशु नाम के लड़के के विषय में बातो मे सुना था यहा वाकिया हमने उप निरीक्षक हेमन्त कोतवाली फतेहगढ़ को बतायी। उन्होने आशू नाम के लड़के को पूछने को कहा आशू नाम के नम्वर को पूछने के लिये उन लोगो से बात की। 8 जून को सुबह कोमल का फोन आया, जिसके द्वारा यह बताया कि आपसे बात करना चाहते है आप आकर मिल लो। उपरोक्त लड़की ने अपने झांसे में बेबर बस अड्डे पर बुलाया तब मेरे द्वारा अपने मिलने वाले विपिन को साथ लेकर अपनी चार पहिया गाड़ी से बेवर की तरफ चल दिया।
जब मैं वेवर बस अड्डे पर समय करीब 12.30 बजे के आस पास पहुंचा तो कोमल ने मेरा फोन उठाना बन्द कर दिया। फिर काजल को मैने नम्वर मिलाया तो बोली भोगांव बस अड्डा पर हम लोग खड़े है। मैं जब भोगांव पहुंचा तो वहां पर दो लड़किया काजल, शिवांगी मिली लेकिन वहां पर कोमल नही मिली। तब दोनो लड़कियो को सीसीटीवी कैमरे के सामने अपनी गाड़ी यूपी 76 AQ 5005 पर बीच वाली सीट पर बैठ गयी। मैं गाड़ी को चला रहा था ड्राइवर के उल्टे हाथ पर आगे विपिन बैठे थे। गाड़ी करीब 200 से 300 मीटर तक ही गाड़ी आगे मन्दिर के सामने रोक दी और आसू के विषय में बात करने लगा। तभी वो बोली थोड़ा आगे चलो हमे यहां सब जानते है इस पर हम 100 से 200 मीटर आगे गाड़ी रोक ली। उसी समय दो चार पहिया गाड़ियां आके तेजी से मेरी गाड़ी के पीछे रुकी।
जिनको हम नहीं देख पाया उन गाडियों से 7 लड़के जिनको हम लोग नहीं जानते है। वह अपने हाथ में लोहे की राड लेकर आये अचानक हम लोगो पर हमला कर गाड़ी ड्राइवर साइड सीसा तोड़ दिया। वह दोनो लड़किया गाड़ी से उतर कर जो पीछे से दो गाडियां आयी उस पर बैठ गयी। मेरी चार पहिया गाडी मे चार लड़के घुस गये जिसने पास तमंचे थे जो मेरे व विपिन की कनपटी पर लगा दिये। विपिन को बीच की सीट पर जबरदस्ती सीट पर लिटा दिया और विपिन की आंखो में विपिन का सफेद सुनहरी धारी का अंगोंछा बांध दिया तथा मुहँ पर तकिया लगा दिया। मेरी भी आंखो व मुहँ पर अगोछां बाध कर हम दोनों का उपरोक्त बदमाशों ने अपहरण कर लिया। चलती गाड़ी में ही उपरोक्त लड़को ने मेरा मोबाइल ले लिया और मुझसे मेरे मोबाइल के ओटीपी भी पूछे जो मैंने डर के कारण बता दिये।
गाड़ी करीब 1 से 1.30 घण्टे तक चलती रही फिर गाडी रुकी और गाड़ी में डीजल खत्म हो रहा था। मैंने धीरे से अपनी आंख से अंगौछा हल्का हटाया और डीजल वैन गाड़ी का नम्वर यूपी 84 बीटी 3746 लगभग था जिसको मैने देख लिया। फिर गाड़ी चालू हुयी और मुझे व विपिन की आंखे व मुंह को खोला तो हम दोनों एक मक्के के खेत के अन्दर थे। हम दोनों को बेल्टो, मुहँ में लात घूसा, मुक्का थप्पड़ लोहे के पाने से पैरो व हाथों घुटनों में मारना पीटना शुरु कर दिया और तमंचे की बट सिर पर मार कर धमकाना शुरु कर दिया। हम लोगो को प्राइवेट पार्ट पर भी मारा और जान से मार देने को कहते रहे। जिसके बाद उपरोक्त लड़को द्वारा वह दोनो लड़कियां मक्के के खेत में बुलायी गयी। और पहले मुझे नंगा किया और लड़की जो कपड़े पहने है पास खड़ा कराया और यह कबुलवाया कि तुम लड़की के साथ बलात्कार कर रहे हो।
लड़को द्वारा अपने मोबाइल से इस बात की वीडियो बनायी गयी, विपिन को भी नंगा कर उसी लड़की को खड़ा कराकर वीडियो बनाया गया। और जबरिया इस बात को बुलवाया गया कि तुमने बलात्कार किया है। जिसके बाद उपरोक्त लड़कों ने कहा कि अब तुम्हारी वीडियो बन गयी है। तुम लोगो को बलात्कार के मुकदमे में जेल भिजवायेगें और दलित एक्ट का मुकदमा लिखवायेगें और सरकार हमे 7.50 लाख रुपये देगी। जिसके बाद लड़कियां इधर उधर हो गयी। और लड़के हम लोगो की मक्के में रखवाली तथा मारपीट करते रहे और फिर रुपयों की डिमांड करने लगे। बीस लाख रुपये की मांग की और कहा जल्दी मांग पूरी करों नहीं जान से मार देगें। मैंने कहा कि मेरा मोबाइल खोलकर दो तब हम इन्तजाम करें। तब उन लड़को ने मेरा मोबाइल कुछ समय के लिये मेरा मोबाइल खोला और मेरे खाते चेक किये तो मेरे खाते सैन्ट्रल बैंक फतेहगढ़ खाते से 25000 हजार रुपये धुव्र सिहं आईडी पर ट्रांसफर कर लिये गये।
मेरे खाते में 25000 हजार रुपये ही था। मेरी तीन सोने की अंगूठियां, अंगूठियों में ग्रहों के हिसाब से एक पुखराज, पन्ना, एक हीरे की अंगूठी, सोने की गले की जंजीर, टाइटन की ब्राउन पट्टा की घड़ी का डायल सफेद, तथा करीब बीस हजार रुपयों के आस पास रुपये जेब व पर्स से मुझसे जबरजस्ती लूट लिये। मेरी चार पहिया गाड़ी भी जबरजस्ती अपने कब्जे में कर ली। फिर एक कोरा स्टाम्प लेकर आये और बलराम जी गैस एजेन्सी एनओसी पर हस्ताक्षर करने के लिये कहा। तो मैंने कहा कि मैं ने बलराम जी गैस सर्विस का पार्टनर हूँ और न ही मेरे सिगनेचर की कोई बैल्यू है इस पर उन लोगो बेल्टो से पुनः मारपीट, गाली गलौज शुरु कर दी और जान से मारने की नियत से तमंचा लगा दिया। जिसके बाद शाम हुयी तब बदमाश हम लोगों को तलैया के पास लेकर आये।
हम सब तलैया के पास आकर बैठ गये लड़किया भी साथ में थी। लड़के बुड वाइजर बियर पी रहे थे। और तीन लड़के खाने लेने चले गये, दो लड़के वही रहे। जिसके पास तमन्चे थे तब विपिन ने लड़कों से कहा कि पेशाब करने जाना है तो लड़को ने कहा कि यही पास में पेशाब कर ले। लड़के मुझसे रुपयो के इन्तजाम करने के लिये फोन से बात करने को कहने लगे और विपिन मिट्टी के टीले की आड लेकर मक्के के खेत से होता हुआ भाग गया। जिसके बाद 7 लड़के और दो लड़कियां एकत्र हुये जो एक दूसरे को गाली गलौज देने लगे और कहने लगे कि साले तुम लोगों ने रखवाली ठीक से नहीं की तभी वह भाग गया। वह लोग आपस में विवाद करने लगे और कहने लगे कि या तो पण्डित गोस्वामी को छोड़ दो या तो थाने पर ले जाओ।
तब लड़के मुझे मेरी गाड़ी में बैठाकर थाना कुर्रा के गेट के सामने लेकर गये और कहा कि बता तुझे अभी जेल भिजवा दूं। कहा कि साले जल्दी इन्तजाम कर नहीं तो अन्जाम बहुत ही बुरा होगा। जल्दी से बीस लाख रुपयों का इन्तजाम करो सौदा दस लाख में तय हुआ। तब मैंने पुनः अपने दोस्त गोल्डी से मोबाइल से बात की और दस लाख रुपयों के इन्तजाम के लिये कहा तो गोल्डी द्वारा बताया गया कि भाई साहब सुबह 8.30 बजे तक दस लाख रुपयों का इन्तजाम कर देगे। जिसकी रिकार्डिग भी मेरे पासहै। जब जब मेरा मोबाइल रुपयों के इन्तजाम के लिये बदमाशों ने खोला तब तब मेरे फोन की लोकेशन आन कर रखी थी शायद जिससे मेरे परिवार को मेरी लोकेशन मिलती रही। बदमाश मेरी गाड़ी की सफेद तौलिया बिछा कर जमीन के किनारे लेटे रहे।
तब तक मेरे व विपिन के परिवारीज मेरी लोकेश ट्रेश करते हुये मेरे करीब आने लगे। तब बदमाशों ने गाड़ी को चालू हालत में छोड़ कर यह कहते हुये कि यह मत समक्ष लेना कि तुम अब बच गये हो तुम्हारे पूरे परिवार को उठा लेगें। हम लोगो के खिलाफ कई मुकदमे लिखायेगे यह कहते हुये भाग गये। मैं तुरन्त अपनी गाड़ी की स्टेरिंग पर बैठ गया और गाड़ी भगा दी मेरी गाड़ी की चाबी उन्ही बदमाशो के पास रह गयी। जिसके बाद मैं अपने परिवारीजों व विपिन को रोड पर मिला। तब विपिन ने बताया कि भईया मैं अपनी जान हथेली पर रखकर भगा था और भागते भगाते जोराई गांव पहुंचा था। वहां पर एक व्यक्ति जो अपने घर की चारपाई पर लेटे हुये थे उन्ही के पास जाकर गिरा था।
वहां पर लोगो को विपिन द्वारा बदमाशो द्वारा की गयी पकड़ के बारे में बताया तथा घर पर सूचना दी थी गांव के अंजान व्यक्ति से 112 नम्वर पुलिस को सूचना भी की थी। पुलिस जब मौके पर आ गयी पुलिस द्वारा सभी पूछतांछ की जिसकी वीडियों पुलिस व गांव के तमाम लोग एकत्र हो गये थे जिन्होने बनायी थी। विपिन को 112 पुलिस कुर्रा, कुर्रा थाने पर लेकर गयी थी जहां विपिन को जो भयभीत स्थित में समझ में आया वह लिखकर प्रार्थना पत्र दिया था। जिसके बाद विपिन के भाईयों द्वारा भी 112 नम्वर पुलिस को सूचना घटना के सम्बन्ध में सूचना दी गयी। 112 नम्वर पुलिस द्वारा हम लोगो की काफी मदद की गयी। जब हम लोग कुर्रा थाने आये जहां पर दरोगा जी और थाने के इस्पेक्टर विक्रम गुर्जर द्वारा हम लोगो के बयानों की करीब एक घण्टे की वीडियो अपने मोबाइल से बनायी।
डायरी पर लिखने के बाद सुबह के समय बताया कि आप लोग सुरक्षित हो थाने पर मन्दिर है मन्दिर में भगवान जी के पैर छूकर अपने घर चले जाओ और अपनी कार्यवाही फतेहगढ़ थाने से कराओ। यहा से कुछ नहीं होगा हमारे यहां की घटना नहीं यह कहकर टाल दिया। तब मैं व मेरा परिवार तथा विपिन व विपिन के परिवार थाना फतेहगढ़ आये जहां पर तत्कालीन इस्पेक्टर मौजूद मिले जिन्होने मुकदमा लिखने से मना कर दिया और हम लोगों का मेडिकल परीक्षण करवाने से मना कर दिया। तब मजबूर होकर आपके समक्ष उपस्थित आये है। इस मुकदमे की जांच इंस्पेक्टर राजेश कुमार सिंह को सौंपी गई है।
