फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 19 मार्च। रिश्वतखोर चौकी इंचार्ज व दरोगा को लाइन हाजिर किया गया है। पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह ने कायमगंज की रिपोर्टिंग चौकी प्रभारी महिला उप निरीक्षक सुधा पाल एवं उप निरीक्षक मोहित द्विवेदी को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन से उप निरीक्षक ज्ञान प्रकाश पांडे, उप निरीक्षक अंकुर भट्टी, उप निरीक्षक रामनरेश सिंह एवं उप निरीक्षक अशोक कुमार की कोतवाली कायमगंज में तैनाती की है।
उप निरीक्षक सुधा पाल पर मुकदमे की विवेचना के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप है। कोतवाली कायमगंज के ग्राम रानीपुर गौर निवासी भूपेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि उप निरीक्षक सुधा पाल ने मुकदमे की विवेचना के लिए 25 हजार मांगे, मैंने मजबूरन 7 हजार रुपए उन्हें दे दिए हैं। भूपेन्द्र सिंह शिकायती पत्र भेज कर पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया कि मेरे परिवार की 14 वर्षीय नाबालिग लड़की खेत पर काम करने वाले अपने बाबा को 10 मार्च को 12 बजे दोपहर में खाना देने जा रही थी।
रास्ते में ही गाँव के अर्जुन पुत्र भूरे सिंह निवासी रानीपुर गौर और उसके अन्य तीन साथी सुरजीत पुत्र नरेश सिंह व अनिल कुमार पुत्र नरेश सिंह व लालजी पुत्र जीतू उर्फ टिंकू निवासी आजमपुर थाना कम्पिल लडकी को बहला फुसलाकर भगा ले गये। उक्त प्रकरण के सम्बन्ध में थाना में अभियुक्तगणों के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट नम्बर-0065/2026 धारा-137 (2) बी०एन०एस० में दर्ज की जा चुकी है। जो नाकाफी है। उपरोक्त प्रकरण की विवेचना सब-इंस्पेक्टर सुधा पाल द्वारा की जा रही है। जिन्होनें मुझसे मुकदमें में विवेचना करनें हेतु 25 हजार रूपयों की मॉग की। जिस पर मैने मजबूरीवश अपने मुकदमें में विवेचना करानें हेतु 7 हजार रूपये दे दिये।
जिसका वीड़ियो भी सोशल मीडिया पर प्रचलित है। अभियुक्त खुलेआम घूम रहे हैं तथा मुझे व मेरे परिवारिजन को आये दिन गाली गलौज कर जान से मारने की ऐलानियां धमकी दे रहे हैं। धमकी देकर कह रहे हैं कि मैनें एस०आई० (सुधापाल) को खरीद लिया है मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पायेगा। जिससे मुझे व मेरे परिवारिजनों में भय व्याप्त है और डरे हुये हैं। मुझे एस०आई० (सुधा पाल) से निष्पक्ष न्याय की आशा नहीं रह गई है। इस कारण से विवेचना उपरोक्त एस०आई० से स्थानान्तरित कर किसी अन्य एस०आई० से कराया जाना न्याय संगत होगा।



