8 माह से गायब मिस्त्री का निकाला गया कंकाल: पूर्व थानाध्यक्ष की जांच शुरू

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 1 अप्रैल। अमृतपुर थाना पुलिस ने 8 माह से गायब युवक ओमवीर राठौर के कंकाल को जेसीबी से खेत की खुदाई करवाकर निकलवाया है। छेड़खानी की रंजिश में की हत्या किए जाने की चर्चा है। थाना अमृतपुर के ग्राम गूजरपुर पमारान निवासी स्व0 पेशकार तेली का युवा पुत्र ओमवीर गांव में साइकिलों की मरम्मत करता था वह 20 जुलाई की शाम 7 बजे घर जाकर खाना खाने की तैयारी में था। उसी समय गांव का दोस्त रामू यादव उसे शराब पिलाने की बात कहकर बुला ले गया। रामू ने अपने खेत में ले जाकर ओमवीर को शराब पिलाई, नशा हो जाने पर ओमवीर को अंगौछे से गला घोटकर मारा गया। शाति रामू ने खेत में ही गड्ढा खोदकर शव को जमीन में दबा दिया।

ओमवीर के न लौटने पर मां राजेश्वरी ने 21 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज कराई, 31 अगस्त को ओमवीर की पत्नी श्रीमती धर्मशिला ने रामू यादव सहित गांव के आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध पति के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़ित परिजन ओमवीर को तलाश करने के लिए थाने के चक्कर लगाकर रहे जिला स्तर के अधिकारियों से शिकायते करते रहे। मुख्यमंत्री के दरबार में भी फरियाद लगाई। 23 मार्च को समाधान दिवस पर शिकायत किए जाने पर एसपी ने करवाई करवाने का वादा किया था। थानाध्यक्ष रक्षा सिंह ने गायब रामू व उसके दोस्त को देहरादून से पकड़वाया और उसे एसओजी के हवाले कर दिया। एसओजी ने पुलिसिया हाथकंडे से रामू का मुंह खुलवाया, रामू ने पुलिस को बताया की ओमवीर उसके खेत में दबा है।

बीते दिन खेत की खुदाई के लिए जेसीबी लगाई गई 24 घंटे खुदाई होने के बाद आज खेत से ओमवीर का कंकाल निकाला गया। कंकाल के साथ ही ओमवीर की तोलिया शर्ट अंगोछा एवं चप्पलें भी मिली। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए, शांति व्यवस्था के लिए कई थानों की पुलिस के अलावा पीएसी भी लगाई गई थी। पूर्व थाना अध्यक्ष मोनू शाक्य ने इस मामले में घोर लापरवाही बरती। उन्होंने पीड़ित परिवार की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दिया और न ही मुकदमे में कोई कार्रवाई की। पुलिस ने ओमवीर के भाई राजवीर उर्फ लालू को ही हिरासत में ले लिया था। सीओ की सिफारिश पर राजवीर को छोड़ा गया। 24 मार्च को मोनू का तबादला हो गया था उसके बाद श्रीमती रक्षा सिंह ने चार्ज संभाला। थाना पुलिस ने हत्या रामू यादव की निशानदेही पर हत्या की घटना में प्रयोग किए गए फावड़े को बरामद का उसका चालान कर दिया है।

पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में पूर्व थानाध्यक्ष की लापरवाही को स्वीकार किया। बताया गया है कि ओमवीर रामू यादव दोस्त थे, राम अपनी विवाहित बहन के यहां ओमवीर को बुला ले गया था। इस दौरान ओमवीर ने युवती के साथ छेड़खानी थी, इस घटना को देखने के बाद रामू ने ओमवीर को मारने की योजना बनाई थी।
अपर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया की पुलिस अधीक्षक ने इस संबंध में सीओ से जांच रिपोर्ट मांगी है। समझा जाता है की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मोनू शाक्य के विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है।

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