डीएम के निरीक्षण में गौशाला की पोल खुली: पालिका कर्मियों का वेतन रोका

फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 26 अप्रैल। जिलाधिकारी के आकस्मिक निरीक्षण में गौशाला की धांधलगर्दी उजागर हो गई। डीएम ने नगर पालिका के लापरवाह ईओ व एई का वेतन रोकने का निर्देश दिया है। जिले में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर ने आज ग्राम सकवाई स्थित कान्हा गौशालाका औचक निरीक्षण किया। डीएम ने गौशाला की समस्त व्यवस्थाओं का गहनता से निरीक्षक करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण में पाया गया कि गौशाला में कुल 461 गौवंश पशुगणना रजिस्टर में दर्ज हैं। गौशाला में 15 केयर टेकर तैनात हैं, जिनमें से 11 मौके पर उपस्थित पाए गए, जबकि 04 केयर टेकर अवकाश पर थे। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, टैगिंग रजिस्टर, चिकित्सा रजिस्टर, निरीक्षण रजिस्टर एवं वैक्सीनेशन रजिस्टर उपलब्ध नहीं पाए गए।

गौशाला में लगे सी0सी0टी0वी0 कैमरे भी सही प्रकार से कार्यरत नहीं थे। जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। निरीक्षण के समय अधिशासी अधिकारी नगरपालिका अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर लापरवाही पर डीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अग्रिम आदेश तक वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए। गौवंश के लिए पेयजल व्यवस्था के लिए 2 समर लगी थी जबकि 2 पानी की टंकियां निर्माणाधीन मिलीं। केयर टेकर ने अवगत कराया कि गौवंश को प्रतिदिन दो समय भूसा खिलाया जा रहा है लगभग 40 कुंतल हरा चारा भी प्रतिदिन दिया जाता है। निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के सहायक अभियंता विशाल सिंह मौजूद थे किंतु वे अपेक्षित सूचनाएं डीएम को उपलब्ध कराने में असमर्थ रहे।

इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने एवं वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु संबंधित अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए हैं।

केयर टेकरों की ड्यूटी दिन एवं रात्रि शिफ्ट में व्यवस्थित रूप से लगाई जाए।
भूसा एवं दाने का पर्याप्त एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए।

गौवंश को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध कराया जाए।

सभी आवश्यक रजिस्टर निरीक्षण के समय उपलब्ध कराए जाएं।

गौशाला परिसर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पशुओं को छाया भी उपलब्ध हो सके।

सी0सी0टी0वी0 कैमरों को तत्काल ठीक कराकर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त करते हुए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए। जिससे गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन में किसी प्रकार की कमी न रहे।

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