फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज) 29 अप्रैल। देशी शराब ठेके पर बुरी तरह पिटने वाले नशेड़ी सिपाही राजकुमार ने चौथे दिन रिपोर्ट दर्ज कराई है। सिपाही की पिटाई का वीडियो वायरल किया गया है। जनपद अलीगढ़ थाना गोंडा ग्राम मुड़िया निवासी सिपाही राजकुमार पुत्र महिपाल सिंह ने आज फतेहगढ़ कोतवाली में हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। फतेहगढ़ की पुलिस लाइन में तैनात
सिपाही राजकुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है। कि मैं 26 अप्रैल को समय करीब 12.30 बजे दिन मे पुलिस लाइन गेट पर आया तो आकाश श्रीवास्तव पुत्र अरविन्द श्रीवास्तव, आशिद उर्फ माफिया पुत्र जहांगीर निवासीगण ग्रानगंज, आशू श्रीवास्तव, मौरम अली ने कहा कि चलो कि मौसम बन जाये।

तो मैने कहा चलो ठीक है, मै ठेके पर गया तो उक्त सभी लोग ठेके पर मौजूद थे। मुझे गाली गलौज करने लगे, मैने गाली देने से मना किया तो सभी ने मुझे बेरहमी से मारा-पीटा। जिससे मेरे शरीर मे गुम चोटे आयी है। शोर शराबा होने पर बहुत से लोग आ गये, तो सभी ने कहा कि साले तू आज तो बच गया तुझे जिंदा नही छोड़ेंगे। मुझे जान से मारने की धमकी देकर मौके से भाग गये। इस चर्चित मुकदमे की जांच उप निरीक्षक सोमवीर सिंह को सौंपी गई है। रिपोर्ट देखने से पता चलता है कि ठेके पर हुई घटना में बहुत सी बातें छुपी गई है। रिपोर्ट में सिपाही ने हमलावरों के साथ जमकर शराब पीने की बात छिपाई। किस बात को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि सिपाही को उसके साथी काफी देर तक जमकर पिटाई करते रहे। 
घटना का वायरल वीडियो देखने से इस बात पर आश्चर्य होता है कि सिपाही पिटाई के दौरान बैठा रहा उसने खड़े होकर पीटे जाने का विरोध नहीं किया बल्कि हाथ जोड़कर माफी मांगी। यदि घटना का वीडियो वायरल नहीं होता तो पिटाई के बाद खामोशी धारण करने वाला सिपाही रिपोर्ट दर्ज नहीं कराता। शराब पीने के दौरान सिपाही ने कोई बड़ी हरकत की अथवा आपत्तिजनक बातें कहीं तभी उसके ऊपर हमला किया गया। लोगों का मानना है। की खाकी की छवि धूमिल करने वाले ऐसे सिपाही को नौकरी से बर्खास्त कर देना चाहिए। जिससे पुलिस विभाग का कोई कर्मचारी ऐसी हरकत न करे सके।



