फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) इंडियन सोसाइटी ऑफ एनैस्थीसियोलॉजिस्ट की बैठक में झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से मरीजों की मौत के मामले में गहरी चिंता व्यक्त की गई है। आजकल कुछ अस्पतालों में हो रही मरीजों की मृत्यु पर विचार करने हेतु एक अर्जेन्ट मीटिंग डॉ एसपी सिंह सोसाइटी के अध्यक्ष के नेतृत्व में आवास विकास स्थित क्लीनिक पर हुई। जिसमें डा० अनिल मिश्रा, डा० यू० एस० तिवारी, डा० सतीश राजपूत एवं डा० अरूण यादव उपस्थित रहे। इस मीटिंग में इस पर विचार किया गया कि जिले में चल रहे कई अस्पतालों में आपरेशन बिना एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर बुलायें, अप्रशिक्षित कम्पाउन्डर द्वारा एनैस्थीसिया देकर किये जाते हैं।
जिस वजह से आये दिन बेचारे अनपढ गरीब मरीजों की मौत होती रहती है। बाद में अस्पताल संचालक, स्टॉफ सहित या तो फरार हो जाते हैं, या जिले के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अभ्रदता करते हैं। जिले में लगभग 300 पंजीकृत एवं अपंजीकृत नर्सिंग होम हैं जो ओ०टी० भी चलाते हैं। जबकि एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर जिले में मात्र 7 ही है। यह विचारणीय है, कि इतने ज्यादा अस्पतालों में इतने कम एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर कैसे अपनी सेवायें दे सकेंगे। इसी की आड़ में क्वालीफाइड एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर रिक्त भी रहते हैं। फिर भी नर्सिंग होम संचालक फीस बचाने के लालच में उन्हें नहीं बुलाते हैं और मरीज से एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर की फीस भी ली जाती है। NMC के अनुसार हर आप्रेशन में सर्जन के साथ एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर रखना अनिवार्य है।
बिना एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर आप्रेशन करना अपराध ही नहीं बल्कि भोली भाली जनता के स्वास्थय के साथ खिलवाड़ है। हम जनता से अपील करते हैं कि जब भी वह किसी परिवारीजन का आप्रेशन करवाये तब वह सर्जन और एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर से अवश्य मिलें। क्योंकि उससे दोनों की फीस तो ली जाती है, लेकिन क्वालीफाइड एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर की सेवायें मरीज को नहीं दी जाती हैं। एनैस्थीसियोलॉजिस्ट डाक्टर को सत्यापित करें तत्पश्चात् संतुष्ट होने पर ही अपने मरीज का आपरेशन करायें एवं फीस दें।
