फर्रुखाबाद (एफबीडी न्यूज़) 23 जून। जेवरात चोरी कांड के मामले में सक्रिय हुई पुलिस ने कई और व्यापारियों को हिरासत में लेकर लाखों रुपए बरामद कर लिए हैं। मोहल्ला कूंचा भवानी दास 4/78 निवासी प्रशांत वर्मा पुत्र स्वर्गीय रमाशंकर ने मोहल्ले के प्रदीप कुमार वर्मा की पुत्री सिमरन वर्मा के विरुद्ध जेवरात चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रशांत ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि मोहल्ला निवासी सिमरन वर्मा पुत्री प्रदीप कुमार वर्मा का मेरे घर पर आना जाना है 21.06.26 को प्रार्थी अपनी दुकान पर गया हुआ था। प्रार्थी की पत्नी घर पर अकेली थी तब सिमरन वर्मा प्रार्थी के घर पर आई और मेरी पत्नी से बोली भाभी आज बहुत गर्मी है। 
मै कोल्ड्रिक लेकर आयी हूँ कोल्ड्रिक पीते है, जैसे ही मेरी पत्नी ने कोल्ड्रिक पी उसमे कुछ समय बाद चक्कर खाकर गिर गई। उसी का फायदा उठाकर सिमरन ने घर की अलमारी मे रखे एक नग हार 14 चूडी 2 काडा, 1 चैन, 3 अंगूठी, पैण्डिल व टोप्स चुराकर ले गई। प्रार्थी की पत्नी को जब होश आया तो उसने प्रार्थी को फोन कर बताया कि सिमरन घर पर आयी थी उसने मुझे कोल्ड्रिग में मिलाकर पिला दिया, वह घर मे रखे सोने के जेवर चुराकर ले गई है। इस मुकदमे की जांच उपनिरीक्षक ज्ञान प्रकाश पांडे को सौंपी गई। पुलिस ने जेवरात चोरी के बारे में सिमरन से पूछताछ की तो उसने पुलिस को बताया कि मैं 784 लाख रूपयों में जेवर बेचे हैं।
पुलिस ने जेवर खरीदारी के मामले में मोहल्ला पक्का पुनवासी सर्राफ उमेश वर्मा, तिकोना चौकी के निकट रहने वाले विजय देवकर एवं मोहल्ला खतराना निवासी आनंद राव धाडगे को हिरासत में ले लिया। जो मोहल्ला कटरा डौरूनाथ साई मार्केट में सुनारी का कार्य करते हैं जिन्होंने पुलिस को बताया कि उन्होंने 7.84 लाख में चोरी के जेवर खरीद कर गला दिए हैं। पुलिस ने सिमरन से रूपयों के बारे में जानकारी की तो सिमरन ने बताया कि मैंने 1.48 लाख रुपए जींस हाउस के मालिक गोपाल अग्रवाल को दिए हैं।70 हजार बकाया बिजली का बिल जमा किया है 4.80 लाख रुपए मोहल्ला चीनीग्रान स्थित जन सेवा केंद्र के संचालक को खाते में जमा करने के लिए दिए हैं। पुलिस ने सरस्वती भवन के निकट जींस हाउस के मालिक गोपाल अग्रवाल को हिरासत में ले लिया। पकड़े जाने पर गोपाल ने 1.48 लाख रुपए पुलिस को दे दिए।
जन सेवा केंद्र के मालिक ने 4.80 लाख रुपए पुलिस को देते हुए बताया की रुपए खाते में जमा नहीं हो पाए हैं। सिमरन ने चोरी के जेवर बेचने के बाद तुरंत ही 6.98 लाख रुपए काम में लगा दिए। जब पुलिस ने चोरी के जेवरात खरीदने वाले एवं गलाने वालों पर सख्ती की तो उनकी पैरवी में नगर के एक दर्जन से अधिक सर्राफा व्यापारी कोतवाली पहुंचे। जिनमें में भाजपा नेता शिवांग रस्तोगी प्रमुख थे। जिन्होंने पुलिस को बताया कि सिमरन के पिता भी सर्राफा व्यापारी थे इसीलिए सिमरन के द्वारा बेचे गए जेवर खरीदे गए। सर्राफा व्यापारियों के कड़े रुख को देखकर पुलिस ने करवाई में सतर्कता बरती।
जेवर खरीदने की बात तो समझ में आती है लेकिन क्या खरीदे गए जेवर तुरंत ही गला दिए जाते हैं। इससे साबित होता है कि खरीदार को मालूम था कि जेवर चोरी के हैं साक्ष्य को मिटाने के लिए जेवरों को तुरंत ही गलाया गया। पुलिस इस पेचीदे मामले में काफी सोच समझकर करवाई करने में सक्रिय है। सोना गलाने का काम करने वाले आनंद राव एवं विजय देवकर महाराष्ट्र के मूल निवासी बताये गए।
(मुन्ना गुप्ता की रिपोर्ट)

